आतंकवाद को चुनौती देतीं ये जांबाज महिलाएं...

WD|
के खि‍लाफ भी लड़ सकेंगी महिला सैनिक 
वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा आतंकवाद की लड़ाई में महिलाओं से जुड़ा एक बड़ा निर्णय लिया गया, जिसमें महिला सैनिकों को आतंकवाद और उग्रवाद जैसी समस्याओं से लड़ने का रास्ता साफ होता नजर आया। भारतीय सीमा सुरक्षाबल के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार, सेना में शामिल महिलाएं भी उग्रवाद और आतंकवाद को चुनौती दे सकेंगी। उन्‍होंने कहा, महिला सै‍निक भी देश के विभिन्न इलाकों में तैनात की जा सकती हैं।  
दूसरी ओर अमेरिकी रक्षामंत्री एश कार्टर द्वारा सेना में लड़ाकू सैनिक के तौर पर काम करने का अवसर महिलाओं को भी दिए जाने की बात कही गई, जो कि एक बड़ा कदम है। एश कार्टर ने कहा कि अमेरिकी सेना देश की प्रतिभा से खुद को अलग नहीं रख सकती। 
उन्होंने कहा कि महिलाएं सेना में टैंक चला सकेंगी, मोर्टार से गोले दाग सकेंगीं और लड़ाई में सैनिकों का नेतृत्व भी कर सकेंगी। हालांकि अमेरिकी रक्षामंत्री का यह बयान सेना के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष के उस बयान से एकदम अलग है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मरीन कोर में जंगी भूमिकाओं में महिलाओं को अलग रखा जाना चाहिए।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :