सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट

पुनः संशोधित बुधवार, 14 मार्च 2018 (17:36 IST)
मुंबई। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और तेल एवं गैस तथा दूरसंचार कंपनियों में बिकवाली के दबाव में एक समय करीब 300 अंक का गोता लगा चुका बीएसई का सेंसेक्स थोक महंगाई के सकारात्मक आंकड़ों के बल पर अंतिम घंटे में संभलता हुआ मात्र 21.04 अंक की मामूली गिरावट के साथ 33,835.74 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 15.95 अंक की गिरावट के साथ 10,410.90 अंक पर रहा।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीति के कारण वैश्विक व्यापार युद्ध शुरू होने की आशंका के मद्देनजर एशियाई बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं। ट्रंप ने स्टील और एल्यूमीनियम पर आयात शुल्क लगाने के बाद चीन से आयातित कई अन्य वस्तुओं पर आयात शुल्क लगाने की योजना बनाई है, जिससे चीन आगबबूला हो गया है।

खबरों के मुताबिक, ट्रंप मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, लेकिन इसका दायरा बढ़कर 100 उत्पादों तक हो सकता है। चीन ने भी इन कदमों का करारा जवाब देने की चेतावनी दी है। अमेरिका और चीन की इस तनातनी से शेयर बाजारों में बिकवाली हावी रही। कमजोर वैश्विक रुख के बीच, सेंसेक्स 123.23 अंक की गिरावट में 33,733.55 अंक पर खुला।

कारोबार के दौरान यह 33,580.69 अंक के दिवस के निचले स्तर तक उतर गया। कारोबार के अंतिम पहर में बाजार पर थोक महंगाई दर के आंकड़ों से बिकवाली का दौर थमने लगा और यह 33,875.15 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। अंतत: गत दिवस की तुलना में 0.06 प्रतिशत की गिरावट में 33,835.74 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की 12 कंपनियां हरे निशान में रहीं, जबकि एक कंपनी के शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे। फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति की दर लगातार तीसरे महीने की गिरावट के साथ 2.48 प्रतिशत पर आ गई, जो सात माह का निचला स्तर है। निफ्टी की शुरुआत भी कमजोर रही और यह 33.80 अंक की गिरावट में 10,393.05 अंक पर खुला।

कारोबार के दौरान 10,420.35 अंक के उच्चतम और 10,336.30 अंक के निचले स्तर से होता हुआ यह गत दिवस की तुलना में 0.15 फीसदी की गिरावट में 10,410.90 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 30 कंपनियों में गिरावट रही।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) फर्जीवाड़े के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों द्वारा लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एलओयू) या लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने की मंगलवार को अधिसूचना जारी की, जिसके कारण बैंकिंग क्षेत्र में लिवाली का जोर रहा।

बीएसई की 2,841 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 164 कंपनियों के शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे जबकि 1,320 में तेजी और 1,357 में गिरावट रही। मझोली और छोटी कंपनियों में लिवाली रही। बीएसई का मिडकैप 0.28 प्रतिशत की तेजी में 16,315.44 अंक पर और स्मॉलकैप 0.06 प्रतिशत की बढ़त में 17,612.92 अंक पर बंद हुआ। (वार्ता)

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