निफ्टी निचले स्तर पर, सेंसेक्स 300 अंक टूटा

पुनः संशोधित सोमवार, 5 मार्च 2018 (18:01 IST)
मुंबई। अमेरिका द्वारा रक्षात्मक व्यापार की नीति आशंका के बीच ऊर्जा, तेल एवं गैस तथा ऑटो क्षेत्र की कंपनियों में हुई बिकवाली के दबाव में सोमवार को घरेलू लगातार चौथे दिन गिरावट में रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.95 प्रतिशत यानी 99.50 अंक लुढ़ककर 11 सप्ताह से अधिक के निचले स्तर 10,358.85 अंक पर आ गया। बीएसई का सेंसेक्स 0.88 प्रतिशत यानी 300.16 अंक की गिरावट में 33,746.78 अंक पर बंद हुआ, जो इसका तकरीबन दो सप्ताह का निचला स्तर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों के आयात पर नए प्रतिबंध लगाने के बायान के बाद से ही वैश्विक स्तर पर रक्षात्मक व्यापार नीति की आशंका पैदा हो गई है। इससे बाजार में निवेश धारणा कमजोर रही। बीएसई के समूहों में धातु में सबसे ज्यादा तीन प्रतिशत से अधिक और एनर्जी में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही।

तेल एवं गैस समूह में भी करीब दो प्रतिशत की गिरावट रही। सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स ने सबसे ज्यादा पांच प्रतिशत का नुकसान उठाया। टाटा स्टील के शेयर करीब तीन प्रतिशत और बजाज ऑटो के पौने तीन प्रतिशत लुढ़के। अमेरिका में कच्चा तेल उत्पादन बढ़ने की संभावना के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब ढाई फीसदी टूट गए।

सेंसेक्स 12.66 अंक फिसलकर 34,034.28 अंक पर खुला और यही इसका दिवस का उच्चतम स्तर भी रहा। इसके बाद इसका ग्राफ तेजी से नीचे उतरा। दोपहर बाद 33,653.41 अंक के दिवस के न्यूनतम स्तर से होता हुआ अंतत: 300.16 अंक लुढ़ककर 20 फरवरी के बाद के निचले स्तर 33,746.78 अंक पर बंद हुआ।

बीएसई में 2,915 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,007 में गिरावट और 724 में बढ़त रही, जबकि 184 कंपनियों के शेयर उतार-चढ़ाव से होते हुए गत दिवस के स्तर पर बंद हुए। मझौली और छोटी कंपनियों पर भी दबाव रहा। बीएसई का मिडकैप 0.95 प्रतिशत टूटकर 16,304.42 अंक पर और स्मॉलकैप 1.09 प्रतिशत लुढ़ककर 17,888.24 अंक पर आ गया। निफ्टी 30.05 अंक टूटकर 10,428.30 अंक पर खुला।

आरंभ में ही 10,428.70 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर को छूने के बाद यह लगातार लुढ़ककर 10,323.90 अंक तक उतर गया। कारोबार की समाप्ति पर यह गत दिवस के मुकाबले 99.50 अंक नीचे 10,358.85 अंक पर बंद हुआ। यह 15 दिसंबर के बाद का निफ्टी का निचला बंद स्तर है। सूचकांक में शामिल 50 कंपनियों में से 42 के शेयरों में गिरावट और शेष आठ में तेजी रही। (वार्ता)


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