मौद्रिक नीति से पहले लुढ़का बाजार

पुनः संशोधित मंगलवार, 5 दिसंबर 2017 (17:22 IST)
मुंबई। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले मंगलवार को में बिकवाली का जोर रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 67.28 अंक लुढ़ककर करीब तीन सप्ताह के निचले स्तर 32,802.44 अंक पर आ गया।


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 9.50 अंक की गिरावट के साथ 10,118.25 अंक पर बंद हुआ। छह कारोबारी दिवस में शेयर बाजार की यह पांचवीं गिरावट है। गुजरात चुनाव और रिजर्व बैंक की बुधवार को घोषित होने वाली मौद्रिक नीति से पहले निवेशक सतर्क दिखे। बढ़ती महंगाई के आंकड़े और अमेरिका में इस महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के बीच केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नगण्य है।


नवंबर में सेवा क्षेत्र में गिरावट के आंकड़े आने से भी बाजार पर दबाव रहा। निक्केई द्वारा आज जारी रिपोर्ट में सेवा क्षेत्र का सूचकांक अक्टूबर के 51.7 से घटकर नवंबर में 48.5 पर आ गया जो गतिविधियों में कमी आने का द्योतक है। पावर, धातु और यूटिलिटीज समूहों में सबसे ज्यादा गिरावट रही, जबकि दूरसंचार क्षेत्र में सर्वाधिक तेजी देखी गई।




सेंसेक्स 55.69 अंक की गिरावट में 32,814.03 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही 32,682.52 अंक के दिवस के निचले स्तर को छूने के बाद भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों में लिवाली के दम पर सूचकांक ने वापसी की कोशिश की और दोपहर बाद कुछ मिनटों के लिए यह हरे निशान में आया भी। इस दौरान 32,893.05 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर को छूने के बाद एक बार फिर यह लाल निशान में उतर गया। कारोबार की समाप्ति पर यह गत दिवस के मुकाबले 0.19 प्रतिशत यानी 67.28 अंक फिसलकर 32,802.44 अंक पर बंद हुआ जो 15 नवंबर के बाद का इसका निचला स्तर है।



बीएसई में कुल 2,802 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,549 में बिकवाली और 1,105 में लिवाली का जोर रहा जबकि 148 के शेयरों के भाव अंतत: अपरिवर्तित रहे। छोटी कंपनियों में भी बिकवाली रही जबिक मझौली कंपनियों में निवेशकों ने पैसा लगाया। बीएसई का स्मॉलकैप 0.03 प्रतिशत फिसलकर 17,918.71 अंक पर और मिडकैप 0.41 अंक की बढ़त में 16,812.07 अंक पर बंद हुआ। (वार्ता)

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