सेंसेक्स 131 अंक उछला, निफ्टी भी 40 अंक चढ़ा

Bombay Stock Exchange
Last Updated: मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018 (10:19 IST)
मुंबई। अधिकतर विदेशी बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बावजूद स्वास्थ्य, आईटी और ऊर्जा समूहों में रही तेजी के दम पर बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 131.52 को चढ़कर 34,865.10 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 40 अंक की तेजी के साथ 10,512.50 अंक पर बंद हुआ।

अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ने, चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होने के संकेत और अमेरिका में ब्याज दर में की गई बढ़ोतरी सोमवार को फिर एशियाई बाजारों पर हावी रही जिससे चीन का शंघाई कंपोजिट 1.49, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.77, हांगकांग का हैंगशैंग 1.38 और जापान का निक्की 1.87 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोपीय बाजारों में ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.07 प्रतिशत की गिरावट और जर्मनी के डैक्स में 0.19 प्रतिशत की तेजी रही।

शुक्रवार को तूफानी तेजी में रहे सेंसेक्स की शुरुआत मजबूत रही और यह बढ़त के साथ 34,971.83 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 35,008.65 अंक के दिवस के उच्चतम और 34,559.98 अंक के दिवस के निचले स्तर से होता हुआ गत दिवस की तुलना में 0.38 प्रतिशत की तेजी में 34,865.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से 12 कंपनियां तेजी में और 17 गिरावट में रहीं जबकि भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों की कीमत दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद अपरिवर्तित रहीं।

निफ्टी की शुरुआत भी बढ़त के साथ 10,524.20 अंक से हुई। यह कारोबार के दौरान 10,526.30 अंक के दिवस के उच्चतम और 10,410.15 अंक के दिवस के निचले स्तर से होता हुआ गत दिवस की तुलना में 0.38 प्रतिशत की तेजी में 10,512.50 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 25 कंपनियों में तेजी और 25 में गिरावट रही।

दिग्गज कंपनियों की तुलना में छोटी और मझौली कंपनियों ने निवेशकों को अधिक आकर्षित किया जिससे बीएसई का मिडकैप 0.62 प्रतिशत यानी 88.19 अंक की छलांग लगाकर 14,374.41 अंक पर और स्मॉलकैप 1.37 प्रतिशत यानी 193.98 अंक की तेजी में 14,353.41 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,785 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें 1,637 में तेजी और 967 में गिरावट रही जबकि 181 कंपनियों के शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे।

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक एक अमेरिकी पत्रकार के गायब होने के मामले में सऊदी अरब के फंसने और उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को फिर चढ़ गईं। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा डेढ़ डॉलर की बढ़त के साथ 81 50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में रही तेजी का असर विदेशी बाजारों पर हावी रहा। (वार्ता)


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