रोजर फेडरर ने विम्बलडन में पुरुषों का खिताब जीतकर नया इतिहास रच रचते हुए शिखर को स्पर्श किया। फेडरर ने अमेरिका के पीट सैम्प्रास के 14 ग्रैंड स्लैम खिताबों का विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही टेनिस इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया। फेडरर ने रविवार को अमेरिका के छठी वरीयता प्राप्त एंडी रोडिक को पाँच सेटों चले मैराथन मुकाबले में 5-7, 7-6, 7-6, 3-6, 16-14 से हराकर छठी बार विम्बलडन का खिताब जीता और टेनिस इतिहास के महानतम खिलाड़ी होने का गौरव हासिल कर लिया।फेडरर और रोडिक के बीच ऐसा यादगार मुकाबला खेला गया, जो टेनिस प्रेमी वर्षों तक याद रखेंगे1 फेडरर ने शुरुआती सेट 5-7 से हारने के बाद अगले दो सेट टाइब्रैक में 7-6, 7-6 से जीते, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने चौथा सेट 6-3 से जीतकर मुकाबले में 2-2 की बराबरी कर ली और मैच को निर्णायक सेट में खींच दिया। निर्णायक सेट में दोनों खिलाडियों ने साँसों को रोक देने वाला रोमांचक संघर्ष किया1 किसी की सर्विस नहीं टूट रही थी और मुकाबला गेम दर गेम आगे बढ़ता चला जा रहा था। आखिरकार 30वें गेम में फेडरर ने मैच में पहली बार रोडिक की सर्विस तोड़ी और खिताब अपने नाम करने के साथ ही 15 ग्रैंड स्लैम जीतने का नया विश्व रिकॉर्ड बना लिया। रॉड लेवर, पीट सैम्प्रास और ब्योर्न बोर्ग जैसे महान खिलाडियों की मौजूदगी में सही मायनों में विश्व के नंबर दो खिलाड़ी फेडरर ने विम्बलडन के ग्रास कोर्ट पर नया इतिहास रचा। पूरे मैच में एक अदद सर्विस ब्रेक की तलाश में लगे फेडरर उस समय खुशी से उछल पड़े, जब 30वें गेम में रोडिक ने एक रिटर्न कोर्ट के बाहर मार दिया। रोडिक का रिटर्न बाहर मारना था कि फेडरर और उनके समर्थक खुशी से उछल पड़े। दर्शकों के बीच फेडरर की गर्भवती पत्नी भी मौजूद थी। उन्होंने तालियाँ बजाकर अपने पति की इस उपलब्धि पर खुशी का इजहार किया।दूसरी तरफ यह मैराथन मुकाबला खेलने के बाद अपनी हार से मायूस नजर आ रहे रोडिक ने अपना चेहरा झुका लिया, लेकिन उनके लिए हताश होने जैसी कोई बात नहीं है क्योंकि उन्होंने एक महान मुकाबला खेला और टेनिस के नए इतिहास के साक्षी बने। फेडरर ने इससे पहले भी रोडिक को 2004 और 2005 में विम्बलडन के फाइनल में हराया था, लेकिन रोडिक इस बार कुछ ज्यादा बेहतर फॉर्म में नजर आ रहे थे। पहला सेट 7-5 से जीतने के बाद उन्होंने दूसरे सेट के टाइब्रैक में 5-1 की बढ़त बना ली थी, लेकिन फेडरर ने जबर्दस्त वापसी करते हुए दूसरे सेट का टाइब्रैक 8-6 से जीत लिया। स्विस खिलाडी ने तीसरा सेट भी टाइब्रैक में 7-6 से जीता। तब ऐसा लगने लगा था कि फेडरर खिताबी मुकाबला चौथे सेट में समाप्त कर देंगे, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी के इरादे खत्म नहीं हुए थे।चौथे सेट में छठी वरीयता प्राप्त रोडिक ने अचानक अपने खेल का स्तर उठाते हुए फेडरर पर दबाव बना दिया और महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल कर यह सेट 6-3 से जीत लिया। मुकाबला अब बहुत संघर्षपूर्ण हो चुका था। निर्णायक सेट में दोनों खिलाड़ियों में से कोई भी हार मानने को तैयार नहीं था1 फेडरर के मुकाबले रोडिक ज्यादा बेहतर दिखाई दे रहे थे। कई बेजा भूलें निकल रही थी लेकिन सही समय पर वह 'एस' बनाते हुए रोडिक को हावी होने का मौका नहीं दे रहे थे1 6-6 की बराबरी हो जाने के बाद नियमानुसार जो खिलाड़ी लगातार दो गेम जीतता वहीं विजेता बन सकता था।दोनों ही खिलाड़ी एक-दूसरे की सर्विस नहीं तोड़ पा रहे थे और मुकाबला खिचता हुआ 14-14 की बराबरी पर पहुँच गया। फेडरर ने 29वें गेम में अपनी सर्विस बरकरार रखी और 15-14 से आगे हो गए। मैच चार घंटे 15 मिनट का हो चला था। 30वें गेम में सर्विस करने रोडिक कोर्ट में उतरे और अचानक ही पहले प्वाइंट से उन पर दबाव दिखाई देने लगा।फेडरर को यहाँ जीत की सुगंध आने लगी और यहीं उन्होंने कुछ सटीक शॉट खेलते हुए रोडिक को गलती करने के लिए मजबूर किया। फेडरर के एक रिटर्न पर जैसे ही रोडिक का शॉट बेसलाइन के बाहर पड़ा। वैसे ही चार घंटे 17 मिनट तक चला यह मैराथन संघर्ष 16-14 पर समाप्त हो गया1फेडरर ने इस रोमांचक मुकाबले में जहाँ 49 'एस' बनाए, वहीं रोडिक के रैकेट से 26 'एस' निकले1 फेडरर का अब रोडिक के खिलाफ 19-2 का करियर रिकॉर्ड हो गया है1 उन्होंने रोडिक से विम्बलडन में अब सभी चार मुकाबले जीत लिए हैं। फेडरर ने अपनी इस कामयाबी के बाद हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया और विजेता ट्रॉफी उठाकर इतिहास को सलाम किया। अपनी इस सफलता के फेडरर सोमवार को जारी होने वाली एटीपी रैंकिंग में फिर से विश्व के नंबर एक खिलाड़ी बन जाएँगे। इस मैच को देखने के लिए दर्शक दीर्घा में पीट सैम्प्रास भी मौजूद थे। जब फेडरर ने उनका रिकॉर्ड तोड़ा तो वे भी काफी रोमांचित नजर आए। |