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उप्र के खेल प्रेमियों को झटका
उत्तरप्रदेश के खेल प्रेमियों को यह जानकर काफी निराशा होगी कि गारन्टराशि नहीं जमा करने के कारण राज्य से राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी छिन गई है। उत्तरप्रदेश को यह मेजबानी तीन साल पहले ही मिल चुकी थी।

भारतीय ओलि‍म्पि‍क संघ (भाओसं) ने अपने एक बैठक में 2004 में ही तय कर लिया था कि राष्ट्रीय खेलों के 2009 का आयोजन उत्तरप्रदेश में होगा।

तीन साल बीत जाने के बाद उत्तरप्रदेश ओलि‍म्पिक संघ और राज्य सरकार की लापरवाही या उदासीनता के कारण एक करोड़ रुपए भाओसं में गारन्टी मनी के रूप में नहीं जमा हो सका। इसकी वजह से अब यह मेजबानी केरल को सौंप दी गई है।

उत्तरप्रदेश ओलि‍म्पिक एसोसिएशन के महासचिव आनन्देश्वर पाण्डेय का इस बारे में कहना है कि राज्य सरकार को गारन्टी मनी जमा करना था। सरकार ने राष्ट्रीय खेलों को गंभीरता से नहीं लिया। इसीलिए रुपयों को जमा करवाने में कोई दिलचस्पी नही दिखाई गई।

पाण्डेय ने बताया कि मेजबानी 2004 में ही आवंटित कर दी गई थी। मेजबानी आवंटित किए जाने के बाद इन्फ्रास्ट्रक्चर भी डेवलप नहीं किया गया। उनका कहना है कि सरकार के लोगों से इस बारे में कई बार सम्पर्क किया गया, लेकिन एसोसिएशन के हाथ असफलता ही लगी।

वह स्वीकार करते हैं कि राजनैतिक कारणों से भी गारण्टी मनी जमा करने में हीलाहवाली हुई, लेकिन इन कारणों का खुलासा करने से वह इनकार करते हैं।

उन्होंने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिसमें एशोसिएशन पर इस आयोजन को लेकर लापरवाही बरतने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोगों ने राष्ट्रीय खेल की महत्ता नहीं समझी। इसलिए यह खेल केरल को आवंटित हो गया।

दूसरी ओर राज्य के खेलमंत्री अयोध्या प्रसाद पाल एसोसिएशन पर झूठ बोलने का आरोप मढ़ रहे हैं। पाल का कहना है कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को लेकर उनसे कोई चर्चा ही नहीं की गई।

खेलमंत्री ने कहा कि एसोसिएशन के पदाधिकारी अपनी नाकामी छिपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह और उनका विभाग खेल तथा खिलाड़‍ियों को प्रोत्साहन देने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। इन आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच राज्य के खेल प्रेमी निराश है।

फुटबॉल खिलाड़ी दिलीप यादव ने कहा कि सरकार और एसोसिएशन दोनों इसके लिए जिम्मेदार है। दोनों की आपसी रस्साकशी में राज्य के खेल प्रेमियों को एक वृहद आयोजन से वंचित होना पड़ा।

अपने समय के ख्‍यात एथलीट रह चुके मुन्नासिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि जिम्मेदारी तय कर दी जाए। जिम्मेदारी तय हो जाने पर सरकार और खेल संगठन की जवाबदेही हो जाएगी। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जाँच कराकर कार्रवाई की माँग भी मुख्यमंत्री से की।
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