भारतीय जूनियर हॉकी टीम के कोच एके बंसल का मानना है कि युवा डैग फ्लिकर दिवाकर राम ने यहाँ संपन्न जूनियर एशिया कप में अपनी क्षमता साबित की।
भारत ने फाइनल मुकाबले में अतिरिक्त समय में दक्षिण कोरिया को 3-2 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा और दिवाकर ने गोल्डन गोल सहित दो गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
बंसल ने कहा दिवाकर ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अच्छा प्रदर्शन जारी रखा और ऐसा करते हुए उसने अपनी क्षमता साबित की। दिवाकर टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर रहे। उन्होंने और कोरिया के नैम ह्युन वू ने 11-11 गोल दागे।
दिवाकर ने लीग चरण में जापान और मलेशिया के खिलाफ दो-दो जबकि सिंगापुर के खिलाफ तीन गोल दागे। उन्होंने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के विरुद्ध दो जबकि फाइनल में कोरिया के खिलाफ दो और गोल दागे।
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