भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान बाईचुंग भूटिया का मानना है कि सिर्फ कड़ी मेहनत ही काफी नहीं बल्कि सही दिशा में अभ्यास होना जरूरी है।
इस करिश्माई स्ट्राइकर ने यहाँ नाइकी के नए उत्पादों के लांच के मौके पर कहा कड़ी मेहनत के साथ सही दिशा में अभ्यास करना भी बेहद जरूरी है।
भूटिया ने उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भारत में आईएम विजयन से ज्यादा प्रतिभाशाली फुटबॉलर नहीं देखा लेकिन उनके दौर में अधिक सुविधाएँ मुहैया होती तो वह और उपलब्धियाँ हासिल कर सकते थे।
उन्होंने पुर्तगाल के स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का उदाहरण देते हुए कहा कि इंग्लैंड जाने के बाद वह मुकम्मल फुटबॉलर बन गए।
उन्होंने कहा रोनाल्डो इंग्लैंड आने के समय काफी प्रतिभाशाली फुटबॉलर थे। मैनचेस्टर युनाइटेड से जुड़ने के बाद अपनी फिटनेस और दमखम पर उन्होंने मेहनत की और मुकम्मल फुटबॉलर बन गए।
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