विवादों में घिरी और बदलाव की हवा का अनुभव कर रही युवा भारतीय टीम एक नई शुरुआत की तैयारियों में जुटी है और गुरुवार से शुरू होने वाले अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन से वह अपना भाग्य बदलने की कोशिश करेगी।
भारत ने इस सालाना टूर्नामेंट के पिछले दो चरणों में काँस्य पदक अपने नाम किया है, लेकिन इस बार उन्हें कल न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरूआत से ही कड़ी मेहनत कर अद्भुत प्रदर्शन करना होगा।
हालाँकि गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया इस बार नहीं खेल रहा है लेकिन ओलिंपिक में खेलने वाली चार टीमों कनाडा बेल्जियम, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के अलावा मेजबान मलेशिया तथा अर्जेन्टीना अनुभवहीन भारतीय टीम के लिए कड़ी चुनौती पेश करेंगी।
हाल में भारतीय टीम 80 वर्ष में पहली बार ओलिंपिक के लिए क्वालीफाय नहीं कर पाई। इसके बाद भारतीय हॉकी महासंघ के सचिव के ज्योतिकुमारन का रिश्वत कांड में लिप्त होना फिर आईएचएफ का भंग करना और इसके अध्यक्ष केपीएस गिल की बर्खास्तगी समेत कई विवाद भारतीय हॉकी से जुड़े रहे।
इसके अलावा हाल में ऑस्ट्रेलिया में समाप्त हुए चार देशों के टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहना देश में हॉकी की दशा बयाँ करता है।
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