भारतीय क्रिकेट में चल रही छोटे-छोटे शहरों की कहानी का एक नजारा तब बेसबॉल में भी देखने को मिला जब लखनऊ के 18 वर्षीय रिंकू सिंह ने द मिलियन डॉलर आर्म प्रतियोगिता जीतकर एक लाख डॉलर (लगभग 40 लाख रुपए) का पहला पुरस्कार हासिल किया और अब उन्हें अमेरिका में बेसबॉल में अपनी किस्मत आजमाने का भी मौका मिलेगा।
लखनऊ के छोटे से कस्बे के रहने वाले रिंकू ने पीडीएम इंटरनेशनल एवं सेवन फिगर मैनेजमेंट की द मिलियन डॉलर आर्म में भाग लेकर 89 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद थ्रो (बेसबॉल की भाषा में पिच) करके यह प्रतियोगिता जीती।
इसके लिए उन्हें अभी एक लाख डॉलर इनाम में दिए गए हैं जबकि वह अगले एक साल तक अमेरिका में पेशेवर बेसबॉल टीमों के साथ कड़ा प्रशिक्षण लेंगे।
लखनऊ में रिंकू के कॉलेज के ही साथी दिनेश कुमार पटेल 86 मील की रफ्तार से थ्रो करके दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें कोई पुरस्कार नहीं मिला लेकिन उन्हें भी रिंकू के साथ अमेरिका में एक साल तक प्रशिक्षण का मौका मिलेगा जबकि तीसरे स्थान पर रहे दिल्ली के मनोज शुक्ला अमेरिका के बेसबॉल शिविर में एक महीना गुजारेंगे।
रिंकू हालाँकि केवल एक मील के अंतर से करोड़पति बनने से चूक गए क्योंकि प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार 90 मील या इससे अधिक तेजी से गेंद थ्रो करने पर पहले स्थान पर रहने वाले पिचर को दस लाख डॉलर (लगभग चार करोड़ रुपए) का पुरस्कार मिलना था।
रिंकू की लखपति बनने की कहानी यहीं पर समाप्त नहीं होगी और उन्हें तथा उनके साथी दिनेश कुमार को आगे करोड़पति बनने का भी मौका मिलेगा। अमेरिका में एक साल प्रशिक्षण लेने के बाद उनकी बोली लगाई जाएगी जो करोड़ों में होगी।
यदि सबकुछ सही रहा तो यह भारतीय सितारे अमेरिका में बेसबॉल में अपनी चमक बिखेरते हुए नजर आएँगे। यह भी संयोग है कि रिंकू शुरुआती प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने के बाद मुंबई नहीं जाना चाहते थे लेकिन अब वह भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं जो उसने सही समय पर अपना फैसला बदल दिया। उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसे प्रतियोगिता जीतकर अमेरिका जाने का मौका मिलेगा। उसके माता-पिता को आशा है कि उनका बेटा आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेगा।
आयोजकों के अनुसार विजेताओं को 17 से 25 साल की उम्र के 27 फाइनलिस्ट से चुना गया। इन सभी फाइनलिस्ट का चयन देश के विभिन्न शहरों में आयोजित प्रतियोगिताओं से किया गया था। इन सभी फाइनलिस्ट ने अमेरिका के मशहूर बेसबॉल कोच रोनाल्ड रे और जेम्स कीनिथ हच से प्रशिक्षण लिया था।
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