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राजस्थान आईपीएल का सरताज  Search similar articles
कहते हैं भाग्य उन्हीं का साथ देता है, जो कर्मवीर होते हैं और रविवार की रात को भाग्य कभी हार न मानने वाले यूसुफ पठान के साथ था, जिनके चमत्कारिक खेल से राजस्थान रॉयल्स यहाँ दिलों की धड़कन थाम देने वाले फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स पर 3 विकेट से जीत दर्ज करते हुए इंडियन प्रीमियर लीग का पहला चैंपियन बन गया।

Yusuf Pathan
PTI
'मैन ऑफ द मैच' के अलावा सर्वाधिक छक्के लगाने का पुरस्कार पाने वाले यूसुफ पठान ने पहले गेंदबाजी में कमाल दिखाया और केवल 22 रन देकर चेन्नई सुपर किंग्स के चोटी के तीन विकेट लिए। चेन्नई ने हालाँकि सुरेश रैना (43), पार्थिव पटेल (38) और कप्तान महेंद्रसिंह धोनी (नाबाद 29) के उपयोगी योगदान से पाँच विकेट पर 163 रन बनाए।

रैना को हालाँकि इस बात का अफसोस लंबे समय तक रहेगा कि जब पठान 13 रन पर थे, तब इस खतरनाक बल्लेबाज का कैच कैसे छूट गया। पठान ने इसका पूरा फायदा उठाया और 39 गेंद पर 56 रन की पारी खेलकर आईपीएल के इतिहास में राजस्थान रॉयल्स का नाम अमर कर दिया।

सोहेल तनवीर ने अंतिम गेंद पर विजयी रन बनाकर रॉयल्स का स्कोर सात विकेट पर 164 रन पहुँचाया। आईपीएल की बोली में सबसे कम कीमत पर बिकी राजस्थान रॉयल्स को शेन वार्न ने अजेय बना दिया। जब टीम को जीत मिली, तब वे एक छोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे।

यूसुफ पठान उस समय आउट हो गए जब टीम को जीत के लिए 14 गेंद पर 21 रन की जरूरत थी। अंतिम दो ओवर में 18 रन चाहिए थे। मखाया नतिनी के 19वें ओवर में दस रन बने, जिसमें वॉर्न का चौका शामिल था।

अब मामला छह गेंद और आठ रन पर था। लक्ष्मीपति बालाजी की पहली तीन गेंद पर दो रन बने, लेकिन अगली गेंद वाइड हुई और एक रन भी बना। चौथी गेंद पर एक और पाँचवीं पर दो रन बनने से स्कोर बराबर हो गया। गेंदबाजी में सर्वाधिक विकेट लेकर 'परपल कैप' के हकदार बने तनवीर ने कवर पर विजयी रन लेकर 45 दिन तक चली कहानी का रोमांचक अंत किया।

दोनों सेमीफाइनल एकतरफा रहे थे, लेकिन फाइनल में दर्शकों को असली मजा दिया। मैच उतार-चढ़ाव से भरा रहा लेकिन कहना होगा कि भाग्य पूरी तरह से रॉयल्स के साथ, क्योंकि एक समय उसका स्कोर तीन विकेट पर 43 रन था, जिसके बाद पठान और शेन वॉटसन ने 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।

ग्रीम स्मिथ माँसपेशियों में खिंचाव के कारण इस महत्वपूर्ण मैच में नहीं खेल पाए। स्वप्निल असनोदकर के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए उतरे नीरज पटेल ने मनप्रीत गोनी की गेंद अपने विकेट पर मारने से पहले 11 गेंद पर केवल दो रन बनाए। असनोदकर ने गोनी के दूसरे ओवर में दो बार गेंद सीमा रेखा पार पहुँचाई।

उन्होंने बाद में नतिनी की गेंद पर भी चौका जमाया लेकिन जब मोर्कल आए तो उनकी आफ स्टंप से बाहर जाती पहली गेंद पर ही प्वाइंट पर खड़े रैना को सीधा कैच थमा दिया। असनोदकर ने 20 गेंद पर 28 रन बनाए जिसमें चार चौके शामिल हैं।

मोर्कल के इसी ओवर में कामरान अकमल मिड ऑन से नतिनी के सीधे थ्रो पर रन आउट हो गए। मोर्कल का अगला ओवर भी घटना प्रधान रहा। उनकी शार्ट पिच पठान के हेलमेट से लगकर विकेटकीपर पटेल के दस्तानों में समा गई। चेन्नई की टीम को लगा कि उन्हें विकेट मिल गया है, लेकिन अंपायर बिली बोडेन अपनी जगह से नहीं हिले। धोनी ने उनसे बात भी की, क्योंकि बोडेन लेग बाई देना भूल गए थे।

बालाजी के ओवर में 14 रन लेकर वापसी करने वाले रॉयल्स ने तब बड़ी राहत की साँस ली जब पठान ने मुथैया मुरलीधरन की गेंद डीप मिड विकेट के ऊपर से खेलने के प्रयास में हवा में उछाल दी, लेकिन अपने क्षेत्ररक्षण के लिए मशहूर रैना इसे नहीं पकड़ पाए। तब पठान 13 रन पर थे।

पठान ने इसके बाद मुरलीधरन के अगले ओवर में लगातार दो छक्के जमाए, लेकिन किस्मत उनके साथ थी और जब वह 33 रन पर थे, तब गोनी ने अपनी गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया। मुरलीधरन ने हालाँकि अपने तीसरे ओवर में वॉटसन (28) को बोल्ड कर दिया। उन्होंने 19 गेंद पर तीन चौके जमाए।

पठान का बल्ला तो बस आग उगल रहा था। उन्होंने बालाजी की गेंद पर चौका और छक्का जड़ने के बाद मुरलीधरन को फिर से निशाना बनाया और उनकी गेंद पर फिर से छक्का जमाया। मोहम्मद कैफ (12) ने भी इस ओवर की पहली गेंद छह रन के लिए भेजी, लेकिन अंतिम गेंद पर वे धोनी को कैच देकर पैवेलियन लौट गए।

मोर्कल का अंतिम ओवर भी घटना से भरा रहा। रविंदर जडेजा पहली गेंद पर आउट हुए जबकि तीसरी गेंद पर रन आउट होने से बाल-बाल बचे पठान अगली गेंद पर रैना के सीधे थ्रो पर रन आउट हो गए। उन्होंने 39 गेंद पर तीन चौके और चार छक्के लगाए। वॉर्न ने ऐसे में पूरी जिम्मेदारी संभाली और तनवीर पर भी दबाव नहीं बनने दिया।

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