भारतीय टीम के अपने सहयोगी एस. श्रीसंथ को थप्पड़ मारने की घटना के बाद आलोचनाओं से घिरे हरभजनसिंह शुक्रवार को एक अन्य अनुशासनात्मक सुनवाई के लिए बीसीसीआई द्वारा नियुक्त आयुक्त सुधीर नानावटी के समक्ष प्रस्तुत हुए। नानावटी ने बाद में कहा कि जाँच समाप्त हो गई है तथा वे सोमवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेंगे। नानावटी ने सुनवाई के बाद बताया कि जाँच की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो गई है। अब मुझे इस मामले में किसी खिलाड़ी या अधिकारी से बात करने की जरूरत नहीं है। मैं श्रीसंथ और हरभजन दोनों के जवाबों संतुष्ट हूँ। मुझे इस रिपोर्ट को बनाने के लिए जितने गवाहों की जरूरत थी, वे मुझे मिल गए।
उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने प्रक्रिया के दौरान काफी सहयोग दिया। नानावटी ने कहा कि मैंने एक घंटे 15 मिनट तक हरभजन से और 30 मिनट तक श्रीसंत से बातचीत की। वे सुनवाई के दौरान काफी मददगार थे।
गौरतलब है कि मुंबई इंडियंस के कार्यवाहक कप्तान हरभजन ने 25 अप्रैल को मोहाली में खेले गए आईपीएल मैच के बाद किंग्स इलेवन पंजाब के तेज गेंदबाज श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया था। थप्पड़ जड़ने के बाद हरभजन पर आईपीएल के बचे सभी मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके अलावा इस ऑफ स्पिनर को करीब तीन करोड़ रुपए की अपनी मैच फीस से भी हाथ धोना पड़ा था। बीसीसीआई ने हरभजन को उसके व्यवहार के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा था और फिर इस घटना की जाँच के लिए नानावटी को नियुक्त किया था। सुनवाई गुजरात लॉ सोसायटी बिल्डिंग में हुई। नानावटी दोपहर करीब दो बजे यहाँ पहुँचे। उनके बाद बीसीसीआई सचिव निरंजन शाह भी पहुँच गए। सुनवाई हरभजन के आने के बाद ढाई बजे शुरू हुई। श्रीसंत करीब साढ़े तीन बजे सुनवाई के लिए पहुँचे।
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