इससे पहले डेयर डेविल्स की पारी गंभीर और धवन के इर्द गिर्द ही घूमती रही। गंभीर ने शुरू से एक छोर संभाले रखा तथा 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर आउट होने से पहले चेन्नई के गेंदबाजों को चैन नहीं लेने दिया।
उन्होंने अपनी पारी में 49 गेंद खेली तथा 11 चौके और एक छक्का लगाया। धवन ने भी तीन गेंद के अंदर दो विकेट गिरने के बाद डेयर डेविल्स पर दबाव नहीं बनने दिया और 46 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के जड़कर गंभीर का पूरा साथ दिया।
चेन्नई सुपर किंग्स ने दिल्ली डेयर डेविल्स की ताकत यानी उसकी सलामी जोड़ी के लिए लिए खास रणनीति बनायी थी, लेकिन जब सहवाग क्रीज पर होते हैं तो फिर अच्छी खासी रणनीति भी धरी रह जाती है।
डेयर डेविल्स के कप्तान ने मनप्रीत गोनी की गेंद सीमा रेखा पार भेजने के बाद मोर्ने मोर्कल पर लगातार दो चौके जड़े लेकिन इसके बाद उनका बल्ला ठंडा पड़ गया और रही सही कसर गोनी के बेहतरीन एक्शन से फेंके गए यॉर्कर ने पूरी कर दी।
सहवाग इस यॉर्कर को समझ नहीं पाए जो उनके विकेट जमीन से उखाड़ गया। उन्होंने 18 गेंद पर 23 रन बनाए, जिसमें तीन चौके शामिल थे। मोर्कल ने अगले ओवर की दूसरी गेंद पर दक्षिण अफ्रीका के अपने साथी एबी डिविलियर्स को गुडलेंग्थ गेंद पर बोल्ड करके डेयर डेविल्स को दबाव में ला दिया।
गंभीर दो बार रन आउट होने से बाल बाल बचे और बाएँ हाथ के इस बल्लेबाज ने इसका पूरा फायदा उठाया। उन्होंने ढीली गेंदों को सबक सिखाकर स्कोरबोर्ड भी चलायमान रखा।
उन्होंने गोनी की गेंद पर मिडविकेट के उपर से लंबा छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज को मिलने वाली ओरेंज कैप भी गंभीर के नाम पर हो गई।
गंभीर ने फिर अमरनाथ पर मिडविकेट एक्स्ट्रा कवर और गेंदबाज के सिर के उपर से लगातार तीन चौके जमाए। दूसरे छोर पर धवन ने मोर्कल पर चौका जड़कर अपना खाता खोला और फिर पलानी अमरनाथ की गेंद मिडविकेट और लांग ऑन के बीच में छह रन के लिए भेजी। उन्होंने भी गंभीर के अंदाज में ही लक्ष्मीपति बालाजी पर मिडविकेट पर छक्का जड़कर अर्धशतक पूरा किया।
बालाजी ने हालाँकि अपने इसी ओवर में गंभीर को प्वाइंट में खड़े चामरा कापुगेदारा के हाथों कैच कराकर चेन्नई को राहत दिलाई, जबकि मोर्कल ने अपने अगले ओवर में धवन को पैवेलियन भेजा लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चेन्नई की तरफ से मोर्कल और बालाजी ने दो-दो विकेट लिए।
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