डीवाई पाटिल स्टेडियम पर मेजबान मुंबई इंडियन्स ने इंडियन प्रीमियर लीग के नीरस मैच में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से परास्त कर डाला। मुंबई को जीत के लिए महज 104 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने 15.1 ओवर में 3 विकेट खोकर ही अर्जित कर लिया।
मुंबई के लिए रॉबिन उथप्पा ने नाबाद 34 और नायर ने नाबाद 12 रनों की पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से वॉटसन ने 26 रन देकर 2 विकेट प्राप्त किए।
मुंबई की जीत कितनी आसान रही होगी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब सोहेल तनवीर 16वाँ ओवर लेकर आए, तब 29 गेंदें फेंकी जाना शेष थीं और लक्ष्य केवल 2 रन था। तनवीर की लगातार दो वाइड गेंदों ने मुंबई का काम और आसान बना डाला।
इससे पूर्व भारतीय टीम में वापसी की कवायदों में लगे आशीष नेहरा की अगुवाई में मुंबई इंडियन्स के मध्यम गति के गेंदबाजों ने राजस्थान रॉयल्स को केवल 16.2 ओवर में 103 रन पर समेट दिया था।
लगातार पाँच मैच जीतकर अंक तालिका में शीर्ष पर पहुँची राजस्थान रॉयल्स को बल्लेबाजों की शॉट चयन में गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा। उसकी तरफ से केवल दो बल्लेबाज स्वप्निल असनोडकर (39) और शेन वॉटसन (32) ही दोहरे अंक में पहुँच पाए।
इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की, जिससे एक समय राजस्थान का स्कोर दो विकेट पर 74 रन था, लेकिन इसके बाद उसने 40 गेंद और 29 रन के अंदर आठ विकेट गँवा दिए।
राजस्थान रॉयल्स की ऐसी खस्ता हालत करने में मुंबई इंडियन्स के प्रत्येक गेंदबाज ने अहम भूमिका निभाई। नेहरा ने तीन ओवर में 13 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा ड्वेन ब्रावो, रोहन राजे और धवल कुलकर्णी ने दो-दो विकेट लिए।
मुंबई इंडियन्स के कप्तान शान पोलाक का टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला सही साबित हुआ। रॉयल्स के विकेटों के पतन की कहानी बड़े नाटकीय अंदाज में शुरू हुई।
सलामी बल्लेबाज ग्रीम स्मिथ अपने पूर्व साथी पोलाक की फुललेंग्थ गेंद को ड्राइव करना चाहते थे, लेकिन वे चूक गए। विकेटकीपर योगेश टकावले को स्टंप करने का इससे आसान मौका नहीं मिल सकता था। स्मिथ ने पीछे मुड़कर भी नहीं देखा। शायद उन्हें लगा कि वे बोल्ड हो गए हैं।
नेहरा ने अपने दूसरे ओवर की पहली गेंद पर आक्रामक यूसुफ पठान को बोल्ड करके मुंबई को बड़ी सफलता दिलाई। असनोडकर और वॉटसन ने इसके बाद कुछ अच्छे शॉट जमाए। इन दोनों ने कुलकर्णी के एक ओवर में एक-एक छक्का भी जमाया।
जब लग रहा था कि राजस्थान शुरुआती झटकों से उबरकर चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में सफल रहेगा, लेकिन तभी नाटकीय तरीके से विकेट धड़ाधड़ गिरने लगे। ब्रावो ने वॉटसन को बोल्ड करके असनोडकर के साथ उनकी साझेदारी तोड़ी। इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने 20 गेंदें खेलीं तथा चार चौके और एक छक्का लगाया।
सनत जयसूर्या से जीवनदान हासिल करने वाले असनोडकर ने इस बीच मोहम्मद कैफ रविंदर जडेजा और शेन वॉर्न को गलत शाट खेलकर अपने विकेट गँवाते हुए देखा।
जब टीम संकट में थी, तब उन्होंने भी यही गलती की और राजे की धीमी गेंद को हवा में उछालकर लांग ऑफ पर रॉबिन उथप्पा को आसान कैच थमा दिया। उनकी 36 गेंद की पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल है। इसके बाद बाकी तीन विकेट निकालने में भी मुंबई की टीम ने कोई देर नहीं लगाई।
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