संन्यास ले चुके ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैग्राथ ने कहा कि गेंदबाजों ने इंडियन प्रीमियर लीग में साबित कर दिया है कि ट्वेंटी-20 सिर्फ बल्लेबाजों का खेल नहीं है।
चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ कल अपनी टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के मैच से पहले मैग्राथ ने कहा- ट्वेंटी-20 बल्लेबाजों का खेल है, लेकिन इस टूर्नामेंट में गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वह बल्लेबाजों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
टूर्नामेंट में अब तक खेले गए 26 मैचों में केवल चार बार ही टीमें 200 रन का आँकड़ा पार करने में सफल रहे हैं और मैग्राथ ने कहा कि इससे टूर्नामेंट में रोमांच बढ़ गया है। गेंदबाज बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दे रहे इससे टूर्नामेंट काफी रोमांचक हो गया है।
पिछले मैच में यहाँ 29 रन पर चार विकेट चटकाकर डेयरडेविल्स को बंगलोर रॉयल चैलेंजर्स पर जीत दिलाने वाले मैग्राथ ने कहा कि उनकी टीम चेन्नई सुपर किंग्स को हलके में नहीं ले रही क्योंकि किसी भी दिन बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम जीत दर्ज कर सकती है। मैग्राथ ने कहा मुझे लगता है कि मैथ्यू हेडन और माइकल हसी के जाने के बाद उन्होंने (सुपर किंग्स) ने लय खो दी। उन्होंने इसके बाद तीन मैचों में शिकस्त झेली। ट्वेंटी-20 में ऐसा होता है। हम भी दो मैच हार चुके हैं, इसलिए उन्हें हल्के में नहीं ले सकते।
यह पूछने पर कि कल क्या उन्हें हेडन की कमी खलेगी? मैग्राथ ने कहा नहीं, मुझे उसकी कमी नहीं खलेगी। मुझे कल उसे गेंदबाजी नहीं करनी होगी।
इस तेज गेंदबाज ने अपने ऑस्ट्रेलियाई साथी शेन वॉर्न के नेतृत्व कौशल की भी जमकर तारीफ करते हुए कहा कि भारत के युवा खिलाड़ियों को उनसे काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
मैग्राथ ने कहा वह एक महान क्रिकेटर है और वह टीम (राजस्थान रॉयल्स) की कमान बेहतरीन ढंग से निभा रहे हैं। युवाओं के लिए उसका साथ शानदार होगा। वे उससे काफी कुछ सीख सकते हैं।
|