नवी मुंबई के डीवाय पाटिल स्टेडियम पर रविवार को एडम गिलक्रिस्ट नाम का एक 'भूत' उतरा और काली होती रात को उसने अपनी चमकदार पारी से रोशन कर डाला। डेक्कन की बैटरी को चार्ज करने में इसी भूत का हाथ रहा जिसने मात्र 48 गेंदों में दो चौकों और 10 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नबाद 109 रनों की पारी खेलकर मुंबई इंडियन्स को उसी के घर में 10 विकेट से रौंद दिया।
इंडियन क्रिकेट लीग के इस ट्वेंटी-20 मैच में ऐसा पहली पार हुआ, जिसमें पहले विकेट के लिए अविजित 155 रन (केवल 76 गेंद में) जोड़े गए और यही लक्ष्य डेक्कन चार्जर्स को मिला हुआ था। मुंबई इंडियन्स ने टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी की चुनौती को स्वीकार किया और केवल सात विकेट खोकर 154 रन ही बनाए थे।
टूर्नामेंट में डेक्कन चार्जर्स की चार मैचों में यह पहली जीत है, जबकि सितारों से सजी और सबसे महँगी बोली देकर खरीदी गई मुंबई इंडियन्स की लगातार चौथी हार। इस मैच में भी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर मुकदर्शक बनकर अपनी टीम को हारता हुआ देखते रहे।
चाँटा मारकर कुख्यात हुए कार्यवाहक कप्तान हरभजनसिंह की जगह कप्तानी कर रहे शान पोलाक का कोई भी वार एडम गिलक्रिस्ट और वीवीएस लक्ष्मण पर नहीं चला। यहाँ तक कि उन्होंने इस जोड़ी को तोड़ने के लिए खुद को मिलाकर सात गेंदबाजों नेहरा, कुलकर्णी, जयसूर्या, चिटनीस, ब्रावो और नायर को आजमाया लेकिन सभी गेंदबाज बेअसर साबित हुए।
गिलक्रिस्ट के बल्ले से रनों का जो झरना फूटा वह क्रिकेट के चाहने वालों को कम ही देखने को मिलता है। ऐसा लग रहा था कि मानो आज गिलक्रिस्ट के सामने दुनिया का कोई भी गेंदबाज आ जाए, बल्ले से निकलने वाला रनों का सैलाब थमने वाला नहीं है। उन्होंने मैदान का कोई कोना नहीं छोड़ा जहाँ छक्का नहीं लगाया हो। 10 दर्शनीय छक्के वाकई लाजवाब थे। दूसरे छोर पर लक्ष्मण गिलक्रिस्ट की आतिशी बल्लेबाजी का भरपूर लुत्फ उठाते हुए। दोनों मिलकर मैच का फैसला 76 गेंदों में कर डाला। गिलक्रिस्ट को इस विस्फोटक पारी का इनाम 'मैन ऑफ द मैच' के रूप में तो मिलना ही था।
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