पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों ने आज कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान तेज गेंदबाज श्रीसंथ को थप्पड़ लगाने वाले ऑफ स्पिनर हरभजनसिंह पर लंबा प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
महान बल्लेबाज जहीर अब्बास और रशीद लतीफ ने कहा कि हरभजन मामले में एक मिसाल कायम की जानी चाहिए ताकि दूसरे खिलाड़ी फिर ऐसी कोई हरकत न करें।
बीसीसीआई ने हरभजन को आईपीएल से निलंबित कर दिया है और जाँच के बाद उन पर प्रतिबंध भी लग सकता है।
अब्बास ने कहा कि ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। मैं नहीं जानता कि हरभजन किस कारण इतना भड़क गए लेकिन क्रिकेट में ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन पर सिर्फ एक या दो मैच का प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खिलाड़ियों के एक-दूसरे से बदसलूकी के मामले बढ़ते जा रहे हैं जिन पर रोक लगाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इन हालात के लिए बोर्ड भी दोषी है। ऐसे कई मामले हैं जब खिलाड़ी मामूली सजा पर छूट जाते हैं।
लतीफ ने इस मामले के लिए बीसीसीआई को कसूरवार ठहराया। लतीफ ने कहा कि विरोधी टीमों के खिलाफ अपने खिलाड़ियों की भड़काऊ हरकतों की उसने उपेक्षा की है। क्रिकेट में आक्रामकता अच्छी बात है लेकिन खिलाड़ियों पर से अंकुश हटाने पर ऐसी घटनाएँ होती हैं।
पूर्व विकेटकीपर ने कहा कि आईसीसी की आचार संहिता का अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ सका है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि आचार संहिता के तहत खिलाड़ियों को अनुशासित करने का पूरा तरीका गलत है। मैच रैफरी पूर्व खिलाड़ी ही होते हैं जिनका साथी खिलाड़ियों के प्रति नरम रवैया रहता है। बोर्ड भी चाहता है कि उसके खिलाड़ियों को कड़ी सजा नहीं मिले। ऑस्ट्रेलिया में सिडनी टेस्ट इसका उदाहरण है।
लतीफ ने कहा कि आईसीसी और बोर्डों को गंभीर आरोपों की जाँच के लिए एक निष्पक्ष पंचाट बनाना चाहिए जो किसी के प्रभाव में नहीं आए।
पूर्व कप्तान ने कहा कि यदि भारतीय बोर्ड इस घटना के बाद हरभजन को कड़ी सजा नहीं सुनाता है तो क्रिकेट को दीर्घकालिन नुकसान होगा।
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