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मुख पृष्ठ » खेल-संसार » क्रिकेट » समाचार » कभी तेज गेंदबाज बनना चाहते थे सचिन (Sachin Tendulkar)
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वनडे में 17000 रनों का एवरेस्ट फतह कर चुके और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30000 रन पूरे करने के करीब खड़े मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर कभी तेज गेंदबाज बनना चाहते थे।

सुनने में यह आश्चर्यजनक लगता है कि बल्लेबाजी का यह बेताज बादशाह कभी तेज गेंदबाज बनने की इच्छा रखता था और उन्होंने इसके लिए कोशिश भी की थी। वह तो भला हो ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली का, जिन्होंने सचिन की इस इच्छा को परवान चढ़ने से पहले ही दबा दिया। यदि ऐसा न हुआ होता तो दुनिया को बल्लेबाजी का यह कोहिनूर देखने को नहीं मिलता।

सचिन जब अपने स्कूली दिनों में क्रिकेटर बनने की कोशिश में लगे हुए थे तो वे चेन्नई स्थित एमआरएफ पेस फाउंडेशन में तेज गेंदबाज बनने के प्रशिक्षण के लिए पहुँचे थे। उस समय उनकी उम्र 13 साल थी। एमआरएफ पेस फाउंडेशन में तेज गेंदबाजी का प्रशिक्षण देने वाले लिली ने पाँच फुट पाँच इंच के सामान्य कद के सचिन को तुंरत ही रिजेक्ट कर दिया और उन्हें सलाह दी कि वे तेज गेंदबाज बनने के बजाए अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान दें।

सचिन ने एक समय इस वाकये को याद करते हुए बताया था कि वे तेज गेंदबाज बनने के लिए अपने घर से निकले थे और ट्रायल के लिए एमआरएफ फाउंडेशन पहुँचे थे लेकिन उनके भाई ने उन्हें सलाह दी थी कि वे अपने साथ बल्लेबाजी के पैड लेकर भी जाए और अंत में यह फैसला सही साबित हुआ।

लिली की इस सलाह ने सचिन का करियर ही बदल डाला। सचिन के अंदर तेज गेंदबाज बनने की इच्छा दफन हो गई और उन्होंने अपना सारा ध्यान बल्लेबाजी पर केन्द्रित कर दिया। इसके बाद सचिन घंटों नेट पर बल्लेबाजी का अभ्यास करने लगे।

जब वे थक जाते थे तो उनके कोच रमाकांत आचरेकर एक रुपए का सिक्का स्टंप्स के ऊपर रख देते थे और जो गेंदबाज सचिन को आउट कर देता था उसे वह सिक्का मिल जाता था और यदि सचिन आउट हुए बिना पूरा सत्र निकाल जाते थे तो कोच वह सिक्का उन्हें दे देते। सचिन ने इस तरह कुल 13 सिक्के जमा किए थे, जिन्हें वे आज भी अपनी सबसे बहुमूल्य संपदा मानते हैं।

सचिन आज दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शुमार हैं और उनका नाम डान ब्रैडमैन के साथ दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज के रूप में लिया जाता है लेकिन उन्होंने अपने लगभग 20 वर्ष के अंतरराष्ट्रीय करियर में गेंदबाजी में भी अपने लेग स्पिन गेंदों का भरपूर कमाल दिखाया।

उनके नाम 159 टेस्टों में 44 विकेट और 435 वनडे में 154 विकेट दर्ज हैं। उनकी लेग स्पिन गेंदों के लिए यह भी कहा जाता है कि मददगार पिचों पर वे शेन वार्न से भी ज्यादा गेंद को लेग स्पिन करा लेते हैं। (वार्ता)
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