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मुख पृष्ठ » खेल-संसार » क्रिकेट » समाचार » नई शुरुआत करने उतरेंगे-धोनी (India-Australia 5th ODI match preview)
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भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को कहा कि हैदराबाद में तीन रनों की शिकस्त के बाद उनकी टीम रविवार को यहाँ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करो या करो वाले छठे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में नई शुरुआत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

धोनी ने मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह निराशाजनक और चोट पहुँचाने वाला था, लेकिन हमने सब कुछ ड्रेसिंग रूम में छोड़ दिया है। हमें अभी दो मैच और खेलने हैं और यही मायने रखता है। जो बीत गया वो बीत गया। आप इसमें अधिक बदलाव नहीं कर सकते। आगामी मैचों पर ध्यान लगाना और मानसिक रूप से तरोताजा रहना अहम है।

हैदराबाद में शिकस्त के बाद भारतीय टीम सात मैचों की श्रृंखला में 2-3 से पिछड़ रही है और टीम की रणनीति के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा कि मेजबान टीम की उम्मीदें अच्छी बल्लेबाजी और बेहतर क्षेत्ररक्षण पर है।

उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति अच्छी शुरुआत हासिल करना और फिर इसका फायदा उठाते हुए विरोधी टीम पर दबदबा बनाना है। हमने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया है। निरंतर प्रदर्शन करना अहम है, विशेषकर क्षेत्ररक्षण के मामले में। इसलिए हम बेहतर क्षेत्ररक्षण की उम्मीद करते हैं।

मध्यक्रम के बल्लेबाजों की फॉर्म का चिंता का सबब होने के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा कि हालाँकि प्रदर्शन काफी अच्छा नहीं रहा, लेकिन वे चिंतित नहीं हैं। हैदराबाद में हार के बारे में धोनी ने कहा कि अगर टीम थोड़ा धैर्य से खेलती तो हम जीत सकते थे।

उन्होंने कहा कि पावर प्ले के पाँच ओवर बचे थे और हमारे चार या पाँच विकेट शेष थे। अधिकांश ऐसे मामलों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ही जीतती है। मुझे लगता है कि हम यहाँ हार गए। हम इसे सीख रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि हम यह गलती दोबारा नहीं दोहराएँगे।

धोनी ने हालाँकि इन सुझावों को खारिज कर दिया कि गुवाहाटी में होने वाले मैच में टीम इंडिया दबाव में होगी। उन्होंने कहा कि श्रृंखला का प्रत्येक मैच दबाव वाला रहा है और बाकी बचे दो मैच भी ऐसे ही होंगे। हमारी प्राथमिकता श्रृंखला में बने रहना है, इसलिए हमें यह मैच जीतना ही होगा और हम इससे आगे नहीं देख रहे।

वीरेंद्र सहवाग के आज सुबह अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लेने के बाद छाई अनिश्चितता को दूर करते हुए भारतीय कप्तान ने कहा कि यह वैकल्पिक सत्र था, इसलिए इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।

श्रृंखला में दो बार रन आउट होकर अपना विकेट गँवाने वाले रवींद्र जडेजा के दबाव में आने के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा कि वे इस ऑलराउंडर का समर्थन करते रहेंगे।

धोनी ने कहा कि जड़ेजा अच्छा प्रदर्शन करता रहेगा, लेकिन जहाँ तक चयन का सवाल है तो हम इस बारे में अधिक बात नहीं करते, लेकिन अगर कोई अच्छा प्रदर्शन कर रहा है तो वह मौका पाने का हकदार है। जडेजा अच्छी गेंदबाजी कर रहा है। श्रृंखला के आगे बढ़ने के साथ वह बल्लेबाज के रूप में भी उभरेगा।

भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ी बड़ी श्रृंखला में खेलते वक्त दबाव से निपटने में नए खिलाड़ियों की मदद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ी लगातार युवाओं के संपर्क में हैं, विशेषकर निचले क्रम के बल्लेबाजों के और उन्हें बताते हैं कि उन्हें ऐसे हालातों से कैसे निपटना है। आपको प्रत्येक मैच में हैदराबाद जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

विकेट के बारे में धोनी ने कहा कि यह उपमहाद्वीप की सामान्य विकेट की तरह लगती है और ओस बड़ी भूमिका निभाएगी। देश के इस हिस्से में जल्दी सूर्यास्त होने की संभावना का मतलब है कि इस मैच में डकवर्थ-लुईस प्रणाली का इस्तेमाल करना पड़ सकता है और धोनी ने कहा कि इस पर उनकी नजर है।

उन्होंने कहा कि हम इस बारे में सोच रहे हैं। जब मैच साढ़े आठ बजे शुरू होता है जो अधिकतर मैच समय पर समाप्त हो जाता है। रोशनी सवा चार के आसपास कम होने लगती है। (भाषा)
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