ऑस्ट्रेलिया के हाथों लगातार दो शिकस्त के बाद वनडे श्रृंखला में 2-3 से पिछड़ रही भारतीय क्रिकेट टीम को रविवार को गुवाहाटी के उस नेहरू स्टेडियम में जीत के साथ सात मैचों की श्रृंखला में वापसी की उम्मीद होगी जो टीम इंडिया के लिए भाग्यशाली रहा है, जबकि फॉर्म में लौटे मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 हजार रनों का मुकाम हासिल करने उतरेंगे।
हैदराबाद के उप्पल में 175 रनों की आतिशी पारी खेलकर अकेले दम पर टीम इंडिया को जीत के करीब पहुँचाने वाले तेंडुलकर अगर गुवाहाटी मैच में 49 रन बना लेते हैं तो वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएँगे। तेंडुलकर ने अब तक 435 एकदिवसीय मैचों में 17168, रन और 159 टेस्ट मैचों में 12773 और एक ट्वेंटी-20 मैच में 10 रन सहित कुल 29,951 रन बनाए हैं।
नेहरू स्टेडियम पर तेंडुलकर का रिकार्ड प्रभावशाली रहा है और उन्होंने यहाँ चार मैचों में 48 की शानदार औसत के साथ 96 रन बनाए हैं और क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद होगी कि उप्पल में एकदिवसीय क्रिकेट में 17000 रन पूरे करने वाला मुंबई का यह बल्लेबाज गुवाहाटी के दर्शकों को अपने 30,000 अंतरराष्ट्रीय रनों का गवाह बनने की खुशी देगा।
भारत के लिए यह मैच करो या करो का होगा और अगर टीम इंडिया इस मैच में हार जाती है तो सात मैचों की श्रृंखला गँवा देगी। टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर है कि नेहरू स्टेडियम की पिच मेजबान टीम को रास आती है और यहाँ आठ में से पाँच मैचों में उसने जीत दर्ज की है, जबकि तीन में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी।
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने यहाँ दो मैच खेले जिसमें से एक में उसे जीत जबकि दूसरे में हार मिली। ऑस्ट्रेलिया ने यहाँ नवंबर 2003 में न्यूजीलैंड को 44 रनों को हराया, जबकि नवंबर 1996 में उसे यहाँ दक्षिण अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने हालाँकि यहाँ कभी भारत का सामना नहीं किया है और रविवार को दोनों टीमें यहाँ पहली बार एक-दूसरे के सामने होंगी।
श्रृंखला में बराबरी के लिए भारत की उम्मीदें तेंडुलकर के अलावा युवराजसिंह और कप्तान महेंद्रसिंह धोनी पर भी होंगी। दिल्ली में तीसरे एकदिवसीय में 78 रनों की पारी खेलकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज ने यहाँ दो मैचों में 66. 50 की बेहतरीन औसत के साथ सबसे अधिक 133 रन बनाए हैं, जबकि धोनी ने यहाँ अपने एकमात्र मैच में अर्धशतक जमाते हुए 63 रनों की पारी खेली थी।
इसके अलावा पिछले कुछ मैचों में विफल रहे गौतम गंभीर के नाम यहाँ एक मैच में 44 रन दर्ज हैं। दूसरी तरफ श्रृंखला में भारत को तेज शुरुआत दिलाने वाले आक्रामक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग रविवार को यहाँ अपना पहला मैच खेलने उतरेंगे।
भारतीय गेंदबाजी का दारोमदार एक बार फिर अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के कंधों पर होगा, जिन्होंने यहाँ दो मैचों में 12.4 की बेजोड़ औसत के साथ पाँच विकेट चटकाए हैं।
टीम इंडिया के मौजूदा गेंदबाजों ईशांत शर्मा, प्रवीण कुमार, मुनाफ पटेल और अमित मिश्रा को यहाँ गेंदबाजी करने का अनुभव नहीं है, इसलिए हरभजन पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। भारत को चोटिल तेज गेंदबाज जहीर खान की कमी खल सकती है, जिन्होंने यहाँ दो मैचों में 19.75 की औसत से चार विकेट अपने नाम किए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई टीम पर गौर करें तो उसके कप्तान रिकी पोटिंग के अलावा टीम के किसी भी अन्य खिलाड़ी को यहाँ खेलने का अनुभव नहीं है, जो मेहमान टीम के लिए कुछ हद तक चिंता का सबब हो सकता है। पोंटिंग ने यहाँ दो मैचों में 26 की औसत से 52 रन बनाए हैं।
यहाँ की पिच हालाँकि पारंपरिक तौर पर गेंदबाजों की मददगार साबित होती है और इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ खेले 13 मैचों में सिर्फ दो बार 300 या इससे अधिक रनों का स्कोर बना है।
बल्लेबाजों के लिए एक और बुरी खबर है कि रविवार को मैच सुबह जल्दी शुरू होने से गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। (भाषा)