मुख्य चयनकर्ता एंड्रयू हिल्डिच का मानना है कि महान स्पिन गेंदबाज शेन वॉर्न के संन्यास लेने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में पैदा हुए शून्य को कभी नहीं भरा जा सकता।
हाल ही में 2011 विश्वकप तक ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता चुने गए हिल्डिच ने 2006-07 में एशेज श्रृंखला के बाद वॉर्न के संन्यास के बाद कम से कम सात स्पिनरों को परखा है।
हिल्डिच ने ‘हेराल्ड सन’ से कहा कि सचाई यह है कि जब हमने वॉर्न को गँवाया तो यह इससे बुरे समय में नहीं हो सकता था। मुझे लगता है कि हम इसके बाद काफी आगे बढ़े हैं, लेकिन हम कभी वॉर्न की कमी पूरी नहीं कर सकते। हमेशा इसमें एक शून्य रह जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया ने पिछले कुछ साल में स्टुअर्ट मैकगिल, ब्यू कॉसन, कैमरुन व्हाइट, जेसन क्रेजा, ब्रेड हॉग, नाथन हारिट्ज और ब्राइस मैकगेन को परखा, लेकिन वॉर्न का स्थायी विकल्प ढूँढने में नाकाम रहे।
हिल्डिच ने कहा कि वे हारिट्ज के प्रदर्शन से खुश हैं और उनका मानना है कि इस ऑफ स्पिनर में काफी आगे तक जाने की क्षमता है (भाषा)