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मुख पृष्ठ » खेल-संसार » क्रिकेट » समाचार » ऑस्ट्रेलिया की 3 रनों से रोमांचक जीत (India-Australia One day)
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PTI
वैसमास्टब्लास्टसचिजादू गुरुवाहैदराबाक्रिकेप्रेमियोसिचढ़कबोला। 'मैफ द मैच' सचिपहलजहादिवसीअंतरराष्ट्रीक्रिकेे 17 हजापूरकिए, वहीदूसरतरफ 45वाशतजमाया औविपरीपरिस्थितियोमें 175 मैराथपारखेली

भारतीटीजीलिए 351 रनोपीछकरनउतरर 49.4 ओवमें 347 रनोसिमगईअंतिविकेरूमेप्रवीकुमाआउहुएशेवॉटसे 8.4 ओवरोमें 47 देकर 3 विकेहासिकिए

ऑस्ट्रेलियनिर्धारित 50 ओवरोमेचाविकेर 350 बनाएशामार्श (112), शेवॉटसन (93), रिकपोंटिंग (45), कैमरुव्हाइट (57) माइकहसी (नाबाद 31) भारतीगेंदबाजोबखियउधेडदी

पूरे स्टेडियम और देश की नजरें इस बात पर टिकीं थी कि हैदराबाद सचिन तेंडुलकर के 17 हजार रन का गवाह बनता है या नहीं? आखिरकार बेन हिल्फेनहास के ओवर में सचिन ने 17 हजारवाँ रन पूरा कर लिया।

जीत के लिए 351 रनों के पहाड़ का पीछा करने उतरी भारतीय टीम का पहला विकेट वीरेन्द्र सहवाग के रूप में 66 रन के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौटा। डिल्फेनहास की गेंद पर डीप फाइन लेग से छक्का उड़ाने के प्रयास में सहवाग (38) का खूबसूरत कैच बॉलिंगर ने लपक लिया। 92 रन के कुल स्कोर पर गौतम गंभीर (8) आउट हुए। युवराज सिंह 20वें ओवर में केवल 9 रन बनाकर पैवेलियन लौट आए। कै. एडम की गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी 6 रन बनाकर वोगस द्वारा कैच आउट हो गए।

शेन वॉटसन ने अपने आठवें ओवर में भारत को दो लगातार झटके देकर मैच का रुख ऑस्ट्रेलिया की तरफ मोड़ दिया। पहले उन्होंने सुरेश रैना (59) को अपना शिकार बनाया और फिर हरभजन सिंह को खाता खोलने के पहले ही पैवेलियन की राह दिखाई। भारत 43 ओवर में 300 रनों के कुल स्कोर पर 6 विकेट गँवा चुका था। रविंदर जड़ेजा ने अपना विकेट थ्रो किया। 23 रन बनाने वाले रविंदर जड़ेजा नजदीकी रन चुराने के प्रयास में रन आउट हो गए। बाद में सचिन तेंडुलकर के आउट होने के बाद कोई दूसरा बल्लेबाज भारत को जीत दिलाने में नाकाम रहा।

सचिन जब 141 गेंदों पर 19 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 175 रन पर खेल रहे थे, तब मैके की गेंद पर ग्लांस के जरिये गेंद हवा में उड़ाने के प्रयास में हैरिट्‍ज द्वारा लपक लिए गए। दरअसल गेंद हैंडल के हिस्से से गई थी, वरना यह निश्चित रूप से चौका होता। सचिन और सुरेश रैना के बीच पाँचवें विकेट के लिए 167 रनों की साझेदारी निभाई गई। अंतत: भारतीय टीम 49.4 ओवर में 347 रनों पर सिमट गई।

इससे पहले शेवॉटसशामार्ऑस्ट्रेलियापारबेहतरीशुरुआकीवॉटसभारतीगेंदबाजोखबलेतहुकेवल 41 गेंदोमेअर्धशतजमदियावॉटसअपनपहले पचान 5 चौकर 3 छक्कोसहायतबनाए।

अर्धशतक के बाद भी भारतीय गेंदबाजों पर वॉटसन का कहर जारी रहा। वॉटसन बदकिस्मती से एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पाँचवाँ शतक केवल 7 रनों से चूक गए। 93 के निजी योग पर वॉटसन हरभजनसिंह की गेंद पर रवींद्र जड़ेजा को कैच थमा बैठे। वॉटसन-मार्श ने पहले विकेट के लिए 145 रन जोड़े।

दूसरे छोर पर मार्श ने भी भारतीय गेंदबाजों को बिना किसी दबाव के खेला। उन्होंने अपना अर्धशतक 63 गेंदों में चार चौकों की मदद से पूरा किया। पहले विकेट के लिए दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई शतकीय साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया इस मैच में मजबूत स्थिति में पहुँच गया।

इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने मैदान संभाला और स्कोर बोर्ड को गति प्रदान की। पोंटिंग और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 91 रन जोड़े। पोंटिंग 45 गेंदों में 45 रन बनाने के बाद प्रवीण कुमार की गेंद पर बोल्ड हुए।

एक छोर पर मार्श ने अपना स्वाभाविक खेल जारी रखा। मार्श ने एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पहला शतक जमाया। इसके लिए उन्होंने केवल 105 गेंदों का सामना किया और आठ चौके और एक छक्का जमाया। मार्श ने 112 गेंदों पर 112 रन बनाए और वे नेहरा की गेंद पर गंभीर के हाथों कैच आउट हुए। अंतिम ओवरों में व्हाइट और हसी ने जबरदस्त बल्लेबाजी करके ऑस्ट्रेलिया को 350 रनों के स्कोर तक पहुँचाया। (वेबदुनियन्यूज)

अंत में हारना निराशाजनक रहा:सचिन
सचिन के 17 हजारी बनने का सफर
सचिन सभी युवाओं के लिए सीख:मियाँदा
तेंडुलकर ने 17 हजार का जादुई आँकड़ा छु
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