श्रीनगर (वार्ता) , मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 14:53 IST )
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केन्द्रीय गैर परम्परागत एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने सेना के जम्मू-कश्मीर के खिलाफ सुरक्षा कारणों से रणजी ट्रॉफी का तीन दिवसीय मैच खेलने से मना करने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह इस मामले को मंत्रिमंडल की अगली बैठक में उठाएँगे।
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल्ला ने मेजबान टीम के सेना पर वाकओवर मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि मैं सेना के यहाँ खेलने से मना करने पर नाराज और क्षुब्ध हूँ।
उन्होंने सवाल उठाया कि हाल ही में 22 देशों के दूतों ने यहाँ गोल्फ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, ऐसे में सेना खुद को कैसे असुरक्षित महसूस कर रही है। जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केन्द्रीय गृह मंत्री पी.चिदम्बरम कह चुके हैं कि कश्मीर घाटी में स्थिति सुधरी है, तब सेना कैसे कह सकती है कि हालात में सुधार नहीं हुआ है।
अब्दुल्ला ने कहा कि डॉ. सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष ने दक्षिण कश्मीर में चौक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बिना जन रैलियों को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि वह मंत्रिमंडल की अगली बैठक में सेना के यहाँ खेलने से इन्कार करने के मुद्दे को उठाएँगे। सेना कैसे कह सकती है कि यहाँ स्थिति खराब है जबकि पिछले कुछ समय में कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ सफलतापूर्वक हुई हैं।
अब्दुल्ला ने कहा कि हम सेना की टीम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को भी पत्र लिखने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर को आज से यहाँ शुरु होने वाले तीन दिवसीय रणजी ट्रॉफी मैच में सेना पर वाकओवर मिलने पर चार अंक हासिल हुए हैं।