-अजय बर्वे चढ़ती-उतरती साँसें और बढ़ती धड़कनें, हर गेंद पर डर और खुशी... शायद यही एशेज का रोमांच है, जो आखिरी टेस्ट के चौथे दिन हर दर्शक महसूस कर रहा था। मैच के आखिरी लम्हे वाकई शानदार थे। हर गेंद पर इंग्लैंड के समर्थकों की तालियाँ अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रही थीं और उधर पैवेलियन में रिकी पोंटिंग का उतरा हुआ चेहरा बयाँ कर रहा था कि विश्व क्रिकेट के दिग्गज ऑस्ट्रेलिया का दंभ चूर-चूर हो गया है।
जैसे ही ग्रीम स्वान की गेंद पर माइक हसी को एलेस्टर कुक ने कैच किया इंग्लैंड के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे, आखिर उन्होने 2006-07 में मिली 5-0 की हार का बदला ऑस्ट्रेलिया को 197 रन से हराकर ले लिया और एशेज सिरीज को 2-1 से जीत लिया।
इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने अपने साथी खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ को शानदार विदाई भी दी है। उल्लेखनीय है कि फ्लिंटॉफ ने इस एशेज सिरीज के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। अपना आखिरी टेस्ट खेल रहे फ्रेडी के लिए उनकी टीम की तरफ से यह तोहफा अनमोल होगा।
फ्लिंटॉफ ने अब तक 79 टेस्ट मैचों में 31.77 कि औसत से 3845 रन बनाए हैं। इसमें उनके 5 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं और साथ ही उन्होंने 32.78 की औसत से 226 विकेट हासिल किए हैं।
इस हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। एशेज के पहले से ही विवादों से जूझ रहे पोंटिंग को अभी और लड़ाई लड़नी होगी। यह भी हो सकता है कि इस हार की वजह से उनकी कप्तानी पर ही तलवार लटक जाए।
एशेज के पाँच टेस्ट मैचों में से तीन के नतीजे निकले और हर नतीजा शानदार रहा, लेकिन इन सबमें खास रहा आखिरी टेस्ट का नतीजा क्योंकि इस नतीजे की वजह से इंग्लैंड एक बार फिर अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को हराकर एशेज पर कब्जा करने में कामयाब हुआ।
एशेज के पाँचवें और आखिरी टेस्ट की दूसरी पारी में इंग्लैंड ने जब ऑस्ट्रेलिया को 546 रनों का विशाल लक्ष्य जीत के लिए दिया तब यह तो लगभग तय था कि ऑस्ट्रेलिया के लिए इस लक्ष्य तक पहुँच पाना नामुमकिन होगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में मात्र 160 रन पर ही सिमट गई थी। हालाँकि शुरुआती विकेट गिरने के बाद कप्तान रिकी पोंटिंग और माइक हसी ने एक अच्छी साझेदारी करने की कोशिश्ा की।
पिच के बदले हुए मिजाज से लगने लगा था कि अगर दोनों मिलकर एक लम्बी साझेदारी निभा देते हैं तो ऑस्ट्रेलिया मैच के पाँचवें और आखिरी दिन इस मैच को जीत सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कप्तान पोंटिंग ज्यादा देर नहीं टिक पाए। उन्हे फ्लिंटॉफ ने रन आउट कर दिया और उसके बाद नियमित अंतराल से ऑस्ट्रेलिया के विकेट गिरते रहे।
इंग्लैंड की यह जीत कई मायनों में यादगार रहेगी। इस जीत ने ऑस्ट्रेलिया के विश्व क्रिकेट पर दबदबे को खत्म कर दिया और ऑस्ट्रेलिया की टीम आईसीसी रैकिंग में दो पायदान फिसलकर चौथे क्रम पर आ गई। आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे ऊपर दक्षिण अफ्रीका है, उसके बाद श्रीलंका और भारत क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
इस मैच के लिए इंग्लैंड की टीम में परिवर्तन किए गए थे और एक नए चेहरे जोनाथन ट्रॉट को मौका दिया गया और उन्होने पहली पारी में 41 और दूसरी पारी में 119 रन बनाकर चयनकर्ताओं के फैसले को सही सिद्ध किया और टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। एशेज के पहले से ही विवादों से जूझ रहे पोंटिंग को अभी और लड़ाई लड़नी होगी। यह भी हो सकता है कि इस हार की वजह से उनकी कप्तानी पर ही तलवार लटक जाए।