भारतीय कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने बारिश से बुरी तरह प्रभावित तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में छह विकेट से मिली जीत का श्रेय गेंदबाजों और शीर्ष क्रम विशेषकर सलामी जोड़ी से मिली अच्छी शुरुआत को दिया।
बारिश के कारण यह मैच घटाकर 27-27 ओवर का कर दिया गया था। वेस्टइंडीज ने सात विकेट पर 185 रन बनाए, लेकिन भारत को डकवर्थ लुईस पद्धति से 195 रन का लक्ष्य मिला जो भारतीय पारी में बारिश के व्यवधान से 22 ओवर में 159 रन कर दिया गया था।
नाबाद 46 रन की पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए धोनी ने मैच के बाद कहा कि डकवर्थ लुईस पद्धति ने हमें बैकफुट पर भेज दिया था, क्योंकि रन अधिक कम नहीं हुए जबकि ओवर काफी कम हो गए थे। इसके अलावा हम अपने दूसरे पॉवरप्ले का भी उपयोग नहीं कर पाए।
भारतीय कप्तान ने हालाँकि कहा कि क्रिस गेल को जल्दी आउट करना और इसके बाद दिनेश कार्तिक और गौतम गंभीर की पहले विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी अहम साबित हुई।
उन्होंने कहा कि गेल जब अपनी लय में होते हैं तो फिर बढ़िया गेंदबाजी भी उन्हें नहीं रोक सकती लेकिन हम उन्हें जल्दी आउट करने में सफल रहे। इसके बाद गंभीर और कार्तिक ने हमें अच्छी शुरुआत दी। हम अपने सलामी बल्लेबाजों पर काफी निर्भर करते हैं और जब भी हमें उनसे बढ़िया शुरुआत मिलती है तो हम उसका फायदा उठाते हैं।
धोनी ने विशेष रूप से गंभीर का जिक्र किया, जिन्होंने इस मैच में 44 रन बनाकर फार्म में वापसी की। उन्होंने कहा कि गंभीर का फिर से फार्म में लौटना टीम के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने एंकर की भूमिका निभाई और स्पिनरों पर कवर और मिडविकेट पर अच्छे शाट लगाए।
भारतीय कप्तान ने कहा कि छह गेंद पर 11 रन बनाना चुनौतीपूर्ण नहीं था लेकिन दो अच्छी गेंद समीकरण बिगाड़ सकती थी। वैसे बाद में भज्जी थे लेकिन हम जानते थे कि अंतिम ओवर उस छोर से किया जाएगा जहाँ तेज हवा के कारण लेग साइड पर लंबा शाट खेलने पर छक्का जा सकता है और ऐसा ही हुआ।
वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल ने भी धोनी की तारीफ की और साथ ही रवि रामपाल की जगह टेलर को आखिरी ओवर देने का बचाव भी किया।
उन्होंने कहा कि टेलर को अंतिम ओवर देने का फैसला गलत नहीं था लेकिन धोनी ने जिस तरह से इस ओवर में बल्लेबाजी की उससे पूरा श्रेय उन्हें जाता है। आउटफील्ड तेज थी और धोनी ने तेजी से रन चुराकर हमारे क्षेत्ररक्षकों को भी दबाव में रखा। |