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पाक में क्रिकेट के ताबूत पर अंतिम कील
लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए आतंकी हमले में बाल-बाल बचे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने कहा है कि पाकिस्तान ने उन्हें वादे के मुताबिक सुरक्षा मुहैया नहीं कराई।

ब्रॉड ने बुधवार को मैनचेस्टर में कहा कि वहाँ सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं थी। गोलीबारी शुरू होते ही हमारी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। मुझे इस बात का गुस्सा है कि हमसे उच्चस्तरीय सुरक्षा का वादा किया गया था लेकिन संकट की घड़ी में वह गायब थी। मुझे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर बहुत गुस्सा आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि करीब दर्जनभर आतंकवादियों ने गत मंगलवार को श्रीलंकाई टीम को ले जा रही बस और उसके पीछे चल रही मैच अधिकारियों की वैन को गद्दाफी स्टेडियम के बाहर निशाना बनाया।

पूर्व इंग्लिश बल्लेबाज ब्रॉड ने कहा कि जब आईसीसी ने पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन नहीं करने का फैसला किया था तभी अपनी सुरक्षा को लेकर मेरी चिंता बढ़ गई थी लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने मुझे आश्वासन दिया था कि हमें राष्ट्रपति के स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

ब्रॉड ने कहा कि इस घटना से मैं अब भी सदमे में हूँ, लेकिन अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूँ कि आज आप लोगों के बीच हूँ। एक समय तो ऐसा लग रहा था कि हम जिंदा नहीं बच पाएँगे। अपनी जान बचाने के लिए हम बस की फर्श पर लेट गए थे। हममें से हर किसी को लगता था वह गोली से नहीं बच पाएगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में निकट भविष्य में किसी अंतरराष्ट्रीय मैच होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पाकिस्तान में क्रिकेट के ताबूत पर अंतिम कील ठोंक दी है।

उधर ऑस्ट्रेलियाई अंपायर स्टीव डेविस ने भी पाकिस्तान में उन्हें दी गई सुरक्षा पर नाखुशी जताई है। स्टीव ने आज मेलबोर्न हवाई अड्डे पर कहा कि हमसे उच्च स्तरीय सुरक्षा का वादा किया गया था लेकिन जब हमला हुआ तो सभी सुरक्षाकर्मी श्रीलंकाई टीम को ले जा रही बस के साथ चल दिए और हमें मरने के लिए छोड़ दिया गया।

उन्होंने कहा कि हमारी वैन का ड्राइवर मारा जा चुका था। अपनी जान बचाने के लिए हम नीचे लेट गए। इतने में एक पुलिस अधिकारी आया और उसने ड्राइवर का शव हटाकर ड्राइविंग सीट संभाली और तेजी से हमें स्टेडियम की ओर ले गया।

उन्होंने कहा कि इस घटना के बावजूद मैं अंपायरिंग जारी रखना चाहता हूँ। लेकिन मैं यह जरूर सुनिश्चित करना चाहूँगा कि हमें पर्याप्त सुरक्षा मिले।

उधर पीसीबी के अध्यक्ष एजाज बट्ट ने इन बयानों पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि सुरक्षा में कमी की बात क्यों की जा रही है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि श्रीलंकाई टीम और मैच अधिकारियों की जान बचाने के लिए छह बहादुर पुलिसकर्मियों ने अपनी शहादत दी है।

ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चाचुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने खिलाड़ियों को मुहैया कराई गई सुरक्षा को पर्याप्त बताया। उन्होंने बीबीसी रेडियो से कहा कि खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। उनकी सुरक्षा में पाँच पुलिस मोबाइल वैन तैनात थीं। ड्राइवर ने खिलाड़ियों को सुरक्षित स्टेडियम में पहुँचाया।
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