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काम आया आतंक से जूझने का अनुभव-जयवर्धने
श्रीलंका के कप्तान महेला जयवर्धने ने लाहौर में टीम बस पर हुए आतंकवादी हमले के बाद अपनी टीम की त्वरित कार्रवाई का श्रेय अपने देश में आतंकवाद से जूझने के अनुभव को दिया।

जयवर्धने ने स्वदेश लौटने के बाद पत्रकारों से कहा कि हम ऐसे माहौल में पले बढ़े हैं जहाँ आतंकवादी गतिविधियाँ जारी है।

उन्होंने कहा कि हमें गोलीबारी और बम विस्फोटों को सुनने और देखने की आदत है। जैसे ही फायरिंग शुरू हुई हम अपनी सीटों के नीचे घुस गए। यह स्वाभाविक तौर पर तुरंत की गई कार्रवाई थी।

श्रीलंका में बरसों से लिट्टे छापामारों के साथ गृहयुद्ध चल रहा है जो अलग देश की माँग कर रहा है। श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर कल लाहौर में उस समय हमला हुआ जब वह दूसरे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन के खेल के लिए गद्दाफी स्टेडियम जा रही थी। हमले में छह खिलाड़ी घायल हुए और आठ लोग मारे गए।

जयवर्धने ने कहा कि टीम पर हमला कहीं भी हो सकता था लिहाजा पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें सुरक्षा व्यवस्था में चूक की जानकारी नहीं है। यह दुर्भाग्पूर्ण घटना थी। यह दुनिया के किसी भी हिस्से में हो सकती थीं।

लंकाई कप्तान ने कहा कि भविष्य में विदेश दौरा करते समय हमें अपने परिवार के बारे में सोचते हुए वृहत् तस्वीर को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी फिलहाल अपने परिवारों के साथ समय बिताना चाहते हैं। उन्होंने कहा मैं बौद्ध हूँ और मुझे लगता है कि पिछले जन्म में मैंने कुछ अच्छे कर्म किए होंगे जो बच गया।
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