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क्रिकेट पर आतंक का साया
वेबदुनिया डेस्क

लाहौर में गद्दाफी स्टेडियम के पास श्रीलंका टीम पर आतंकी हमला होना इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान अब सुरक्षित देश नहीं रह गया है। श्रीलंका टीम की बस पर हुए हमले में कप्तान सहित छह श्रीलंकाई खिलाड़ी घायल हुए हैं और उनकी सुरक्षा में तैनात पाँच सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं।

यह पहली बार नहीं है जब किसी क्रिकेट सिरीज के दौरान पाकिस्तान में सार्वजनिक स्थल पर हमला हुआ है। इससे पहले सुरक्षा कारणों से न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड क्रिकेट टीम और हाल ही में ऑस्ट्रेलिया टीम अपने पाकिस्तान दौरे रद्द कर चुकी हैं।

पिछले साल पाकिस्तान में आयोजित होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी भी सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दी गई थी, जिसकी पाकिस्तान के राजनेताओं और पूर्व क्रिकेटरों ने यह कहकर आलोचना की थी कि पाकिस्तान एक सुरक्षित देश है और यहाँ बेखौफ होकर क्रिकेट खेला जा सकता है। श्रीलंका टीम पर हुए हमले ने पाकिस्तान सरकार के दावे की हवा निकाल दी है।

2006 में स्टीफन फ्लेमिंग की कप्तानी में पाकिस्तान के दौरे पर आई न्यूजीलैंड टीम ने कराची में अपने होटल के बाहर बम फटने के बाद दौरा बीच में ही रद्द कर दिया था।

यह पहली बार है ‍कि किसी आतंकी हमले में क्रिकेटर घायल हुए हैं। इससे पहले जब भी किसी क्रिकेट सिरीज के दौरान पाकिस्तान में हमले हुए, उस समय या तो टीम स्टेडियम में मैच खेल रही होती थी या फिर होटल में होती थी, लेकिन इस बार सीधे खिलाड़ियों को निशाना बनाया गया है।

एशियाई उपमहाद्वीप की टीमों को छोड़कर बाकी सभी क्रिकेट खेलने वाले देश पाकिस्तान में खेलने से कतराते रहे हैं। इस हमले के बाद न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें पाकिस्तान में खेलने के बारे में सोचेंगी भी नहीं।

2004 में भी पाकिस्तान में खेलने को कोई विदेशी टीम तैयार न थी। ऐसे में भारतीय क्रिकेट टीम ने सौरव गांगुली के नेतृत्व में पाकिस्तान का दौरा करके आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सहारा दिया था।

श्रीलंका टीम पर हमला होना निंदनीय है। इसके दूरगामी परिणापाकिस्ताभुगतनहोंगे। इस साल अक्टूबर में चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन पर फैसला होना है। पाकिस्तान में हुए इस हमले के बाद शायद पाकिस्तान को अब बरसों तक किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी न मिले।

इसके अलावा 2011 में पाकिस्तान भारत और श्रीलंका के साथ विश्वकप क्रिकेट टूर्नामेंट की संयुक्त रूप से मेजबानी करेगा, लेकिन इस हमले के बाद पाकिस्तान की विश्वकप की मेजबानी निश्चित रूप से खतरे में आ गई है।
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