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ब्रिटिश मीडिया ने तेंडुलकर को सराहा
ब्रिटिश मीडिया ने सचिन तेंडुलकर की जमकर तारीफ की लेकिन इंग्लैंड पर भरपूर भड़ास निकालते हुए कहा कि सही टीम ही पहला टेस्ट जीती है।

राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे पहले टेस्ट के बाद ब्रिटिश मीडिया ने यह भी कहा कि भारत के नंबर वन बनने में अब कुछ ही देर है।

मुंबई हमले और तेंडुलकर का भावनात्मक उल्लेख करते हुए इसने कहा कि आखिरी रन उस लिटिल मास्टर के बल्ले से निकले, जिसने मैच के बाद बताया कि आतंकी हमले में उनकी बेटी सारा के दो सहपाठियों के माता-पिता भी मारे गए।

डेली टेलीग्राफ में इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेरेक प्रिंगल ने लिखा भारत खेल को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है। पाँचवें दिन 387 रन के लक्ष्य का पीछा करना जो उपमहाद्वीप में सबसे बड़ा लक्ष्य था, आसान नहीं था लेकिन भारत ने इसे मुमकिन कर दिखाया।

प्रिंगल ने लिखा तेंडुलकर के लिए भी यह नई उपलब्धि है, जो पहली पारी में भारत के अहम बल्लेबाज हुआ करते हैं लेकिन आखिरी दिन कम ही चल पाते थे। उन्होंने युवराजसिंह का मार्गदर्शन करने के लिए भी उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अक्सर खामोश रहने वाले तेंडुलकर अपने साथी खिलाड़ी की हौसला-अफजाई जरूर करते हैं। उन्होंने युवराज सिंह को भी मार्गदर्शन दिया, जिसने नाबाद 85 रनों की पारी खेली।

द टाइम्स में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक आथरटन ने लिखा पहले टेस्ट की जीत मुंबई हमले के शहीदों को समर्पित करने के बाद सचिन तेंदुलकर का कद भारतीयों की नजर में और बढ़ जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट श्रृंखला के लिए लौटकर इंग्लैंड ने अच्छा किया और एमए चिदंबरम स्टेडियम में दर्शकों का भारी तादाद में जुटना भी अच्छा संकेत रहा। भारी सुरक्षा के बावजूद करीब 95000 दर्शकों ने यह मैच देखा जिससे साबित होता है कि भारत में टेस्ट क्रिकेट का भविष्य अंधकारमय नहीं हैं।

अखबार ने कहा मुंबई पर हमला करने वाले आतंकियों के खिलाफ सचिन तेंडुलकर का गुस्सा चेन्नई टेस्ट का सबसे यादगार पल था। ऐसा लग रहा था मानो वे राष्ट्र को संबोधित कर रहे हों।
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