चेन्नई (भाषा) इंग्लैंड को पहले टेस्ट में छह विकेट से हराने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने जीत का श्रेय काफी हद तक वीरेंद्र सहवाग की आक्रामक पारी को देते हुए कहा कि उसने इंग्लैंड के शिकंजे से मैच निकाला और चौथे दिन भारत को मैच में लौटाया।
धोनी ने कहा पहले तीन दिन मैच इंग्लैंड की पकड़ में था। हम आखिरी दो दिन में जीते हैं क्योंकि हमने जरूरत के समय बेहतरीन खेल दिखाया। वीरू की पारी ने मैच का नक्शा बदल दिया और सचिन तथा युवराज ने इसे आगे बढ़ाया।
अब तक बतौर कप्तान चार टेस्ट में से चारों जीतने वाले धोनी ने इसे सबसे कठिन मुकाबला बताया। पहली पारी में अर्धशतक जमाने वाले कप्तान ने कहा कि चौथी पारी में 387 रन का लक्ष्य हासिल करना कठिन था क्योंकि पिच टूटने लगी थी।
उन्होंने कहा चौथी पारी में कभी भी इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होता है। हमें अच्छी साझेदारियों की जरूरत थी जो मिली भी। धोनी ने चेन्नई के दर्शकों का भी शुक्रिया अदा करते हुए कहा बड़ी संख्या में आज लोग मैदान पर आये और हमारी हौसलाअफजाई की। ऐसे मुकाबले जीतने के लिए दर्शकों का सहयोग बहुत जरूरी होता है।
इंग्लैंड के कप्तान केविन पीटरसन ने कहा कि मुंबई हमले के बाद टेस्ट मैच खेलने के लिए दोनों टीमें बधाई की पात्र हैं। मैच के बारे में उन्होंने कहा चार दिन तक यह मैच हमारी पकड़ में था लेकिन आखिरी दिन पूरी तरह भारत के नाम रहा। इसकी शुरुआत वैसे कल सहवाग ने ही कर दी थी। भारतीय टीम इस जीत के लिए बधाई की हकदार है।
'मैन ऑफ द मैच' सहवाग ने शतकवीर तेंडुलकर की तारीफ करते हुए कहा यह सचिन की सर्वश्रेष्ठ पारी है। पिछली बार पाकिस्तान के खिलाफ हम यहाँ मामूली अंतर से हार गए थे क्योंकि सचिन जल्दी आउट हो गए थे। इस बार वह अंत तक डटे रहे और मैच जीतकर ही दम लिया। युवराज ने उनका बखूबी साथ निभाया। |