भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में आज यहाँ 387 रन का लक्ष्य चार विकेट खोकर हासिल करने के साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए, जिसमें टेस्ट इतिहास में चौथा बड़ा लक्ष्य हासिल करना भी शामिल है।
इंग्लैंड ने भारत के सामने 387 रन का लक्ष्य रखा था और उसने सचिन तेंडुलकर (नाबाद 103) और युवराजसिंह (नाबाद 85) की जोरदार पारियों से इसे आसानी से हासिल कर लिया।
इस तरह से भारतीय टीम ने 36वीं बार लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की। उसने सातवीं बार 200 रन से अधिक का लक्ष्य हासिल किया। भारत की टेस्ट क्रिकेट में वैसे यह 426वें मैच में 98वीं जीत है।
वैसे भारतीय टीम एक बार पहले इससे भी बड़ा लक्ष्य हासिल कर चुकी है। उसने 1976 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में 406 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया था। रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम पर है, जिसने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेंट जोन्स में सात विकेट पर 418 रन बनाकर जीत दर्ज की थी।
इनके अलावा केवल ऑस्ट्रेलिया ही एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने चौथी पारी में 400 रन बनाकर जीत दर्ज की। उसने इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में 1948 में तीन विकेट पर 404 रन बनाए थे।
जहाँ तक बड़ा लक्ष्य हासिल करने की बात है तो टेस्ट इतिहास में यह केवल 24वाँ अवसर है, जबकि किसी टीम ने 300 रन से अधिक का लक्ष्य हासिल किया। भारत ने दूसरी बार चौथी पारी में 300 से अधिक रन बनाकर जीत दर्ज की।
भारतीय सरजमीं पर यह लक्ष्य हासिल करने का नया रिकॉर्ड है। इससे पहले वेस्टइंडीज ने 1987-88 में दिल्ली में 276 रन के लक्ष्य को पार करके अपने नाम जीत लिखी थी।
भारत का अपनी धरती पर चौथी पारी में सबसे बड़े लक्ष्य हासिल करने का पिछला रिकॉर्ड 1964-65 में बना था जब उसने मुंबई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आठ विकेट पर 256 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। वह 1986 में भी ऑस्ट्रेलियाके खिलाफ चेन्नई में रिकॉर्ड बनाने के करीब था, लेकिन तब टीम 347 रन का लक्ष्य छूने के बाद आउट हो गई और मैच टाई हो गया था।
भारत ने इसके अलावा पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली में भी 203 रन का लक्ष्य हासिल किया था, जबकि उसने दो अन्य अवसरों पर चौथी पारी में श्रीलंका के खिलाफ कैंडी में 264 रन और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में 233 रन बनाकर भी अपने नाम जीत लिखी थी।
भारत वैसे चौथी पारी में चार बार 387 रन से अधिक स्कोर बना चुका है। इनमें से एक बार जहां उसे जीत वहीं दो बार हार मिली, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन के रिकॉर्ड मैच के अलावा भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1978 में एडिलेड में चौथी पारी में 445 रन बनाए, लेकिन वह यह मैच हार गया।
उसे इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में लॉर्ड्स में 397 रन बनाने के बावजूद हार झेलनी पड़ी थी जबकि इंग्लैंड के खिलाफ ही ओवल में 1979 में उसने आठ विकेट पर 429 रन बनाकर मैच ड्रॉ कराया था। |