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चेपक पर सचिन सहवाग ने फिर बिखेरी चमक
नई दिल्लीभारतीय क्रिकेट के मशहूर 'एस' (सचिन और सहवाग) का एमए चिदंबरम स्टेडियम चेपक से प्यार बरकरार रहा और जहाँ वीरू ने भारत की इंग्लैंड पर ऐतिहासिक जीत की नींव रखी वहीं तेंडुलकर ने उसे अमली जामा पहनाया।

PTI
सचिन तेंडुलकर और वीरेंद्र सहवाग जब भी चेपक स्टेडियम पर उतरे तब उन्होंने अपना विशिष्ट प्रदर्शन किया और जब इन दोनों के बल्लों ने रन उगले तो स्वाभाविक है कि भारत को भी जीत मिली।

भारत ने अपने लिए सबसे भाग्यशाली रहे इस मैदान पर 30 मैच में 12वीं और इंग्लैंड के खिलाफ आठ मैच में चौथी जीत दर्ज की। भारत ने सर्वाधिक मैच चेपक में ही जीते है। इसके बाद दिल्ली के फिरोजशाह कोटला (दस जीत) मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम (नौ जीत) और कोलकाता के ईडन गार्डन्स (आठ जीत) का नंबर आता है।

चेपक पर इसी साल के शुरू में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 319 रन की रिकार्ड पारी खेलने वाले सहवाग ने कल इंग्लैंड के 387 रन के मुश्किल लक्ष्य के सामने भारत को तूफानी शुरुआत दी और केवल 68 गेंद पर 83 रन ठोंके, जिसके लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। दूसरी तरफ तेंडुलकर ने एंकर की भूमिका निभाई और आखिर में विजयी चौका जमाकर इस मैदान पर अपना पाँचवाँ शतक भी पूरा किया।

तेंडुलकर ने अब तक चेपक पर नौ मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 87.60 की औसत से 876 रन बनाए हैं। उन्होंने भारत की जीत में जो विजयी चौका जड़ा था, वह चेपक पर उनका 100वाँ चौका भी था।

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सहवाग के लिए भी यह मैदान खास है। उन्होंने इसी मैदान पर अपना दूसरा तिहरा शतक जमाकर खुद का नाम डान ब्रैडमैन और ब्रायन लारा के साथ रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया था। वह अब तक चेपक पर पाँच मैच की आठ पारियों में 101.14 की औसत से 708 रन बना चुके हैं, जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने इस मैदान पर टेस्ट मैचों में 97 चौके और 14 छक्के लगाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 95.41 है।

भारत ने इस मैदान पर जो 12 जीत दर्ज की हैं उनमें तेंडुलकर पाँच में जबकि सहवाग दो में गवाह रहे हैं। तेंडुलकर ने जब इस मैदान पर शतक जमाया तब केवल एक अवसर पर भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा जबकि चार अवसरों पर उसे जीत मिली।

तेंडुलकर ने इससे पहले 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ भी चेपक पर चौथी पारी में 126 रन बनाए थे लेकिन दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण भारत यह मैच 12 रन से हार गया था। उन्होंने तब साढ़े छह घंटे से अधिक समय क्रीज पर बिताया था।

इसके अलावा तेंडुलकर ने 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ 165 ऑस्ट्रेलियाके खिलाफ 1998 में नाबाद 155 और 2001 में 126 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभायी थी।

ऑस्ट्रेलियाके खिलाफ 1998 की उनकी पारी को तो वह स्वयं अपनी सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिनते रहे हैं। इस मैदान पर उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 305 और ऑस्ट्रेलियाके खिलाफ 302 रन बनाए हैं।

सहवाग ने जो पाँच मैच चेपक में खेले उनमें से भारत दो जीता और बाकी तीन ड्रॉ रहे। उन्होंने 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मैदान पर अपना पहला मैच खेला और 61 रन बनाए। भारत इस मैच में जीता था। सहवाग ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2004 में यहाँ 155 रन की पारी खेली थी। (भाषा)
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