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स्ट्रॉस भी सहवाग के खेल से रोमांचित
पहले क्रिकेट टेस्ट की दोनों पारियों में शतक बनाने वाले इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज एंड्रयू स्ट्रॉस ने वीरेन्द्र सहवाग की तारीफ करते हुए आज कहा कि यदि आप विरोधी टीम में नहीं हो तो फिर इस आक्रामक भारतीय बल्लेबाज को खेलते हुए देखने में मजा आता है।

स्ट्रॉस ने कहा कि इस विकेट पर रन बनाना आसान नहीं था लेकिन सहवाग दुनिया के अधिकतर लोगों से अलग तरह से खेलता है। जिस आजादी से वह खेलता है वह देखना मजेदार होता है, लेकिन आप तभी उसका लुत्फ उठा सकते हो जब आप विरोधी टीम में न हों।

स्ट्रॉस ने कहा भाज्ञ ने भी कुछ उसका साथ दिया। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि नयी गेंद आक्रमण करने का सबसे सही समय है क्योंकि यह बल्ले पर अच्छी तरह आती है। बारह ओवर के बाद यह नीची रहने लगती है लेकिन इसके बाद भी सहवाग बेजोड़ था। उन्होंने भारत की जीत की आस जगा दी।

एमए चिदंबरम स्टेडियम की टूटती पिच पर चार से भी कम सत्र में 387 रन के लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था और सहवाग के क्रीज पर उतरने से पहले भारत बैकफुट पर था। दिल्ली के इस बल्लेबाज ने इंग्लैंड की गेंदबाजी की धज्जियाँ उड़ाते हुए 68 गेंद में 83 रन की पारी खेली और भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा।

स्ट्रॉस ने कहा कि सहवाग के लिए क्षेत्ररक्षण सजाना आसान नहीं था। उस जैसे खिलाड़ी के लिए क्षेत्ररक्षण सजाना किसी भी कप्तान के लिए आसान नहीं है। हमने उनके लिए अपने हिसाब से क्षेत्ररक्षण लगाया था लेकिन उन्होंने क्षेत्ररक्षकों के सिर के ऊपर से खेलना शुरू कर दिया। आप कैसा भी क्षेत्ररक्षण सजाओ ऐसी स्थिति में कुछ नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि वह जब इस तरह से खेल रहा था तब आपको धैर्य नहीं खोना चाहिए। जब कोई इतने अधिक जोखिम लेता है तो फिर कोई भी जोखिम भारी पड़ सकता है। जब कोई इस तरह से बल्लेबाजी कर रहा हो तो आपको आपा नहीं खोना चाहिए।

सहवाग की तूफानी पारी से भारत को अब जीत के लिए 256 रन चाहिए लेकिन स्ट्रॉस को लगता है कि इंग्लैंड के पास जीत का अच्छा मौका है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि हम नौ विकेट उखाड़ने में सफल रहेंगे। निश्चित तौर पर विकेट पर काफी कुछ होने वाला है। यदि हम संयम बनाए रखते हैं तो हमारे पास नौ अवसर होंगे। वह (सहवाग) आउट हो चुका है और अब हमें धैर्य से काम लेकर मौकों का फायदा उठाना होगा।

चेन्नई टेस्ट स्ट्रॉस के लिए यादगार रहा और वह टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले इंग्लैंड के 10वें और कुल 51वें बल्लेबाज बने। उन्होंने कहा मैं दूसरे शतक से काफी संतुष्ट हूँ। मैंने इससे पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी ऐसा नहीं किया था। मैच के हालातों को देखते हुए मुझे खुद पर गर्व है।
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