भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज अगले साल मार्च में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले विश्व कप से पहले महेंद्रसिंह धोनी और पुरुष टीम के अन्य सीनियर खिलाड़ियों से टिप्स लेना चाहती हैं।
महिला टीम को विश्व कप से पहले किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग नहीं लेना है और वह इसकी भरपाई घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट से पहले लगने वाले शिविर और पुरुष क्रिकेटरों से मिलने वाली महत्वपूर्ण सलाह से करना चाहती है।
तीन दिसंबर को अपना 26वाँ जन्मदिन मनाने वाली मिताली कहा कि अगर मौका मिला तो मैं जरूर धोनी से बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी को लेकर कुछ टिप्स लेना चाहूँगी। धोनी ही नहीं हमारी टीम किसी भी पुरुष खिलाड़ी से कुछ सीखना चाहेगी क्योंकि वे जिस स्तर पर खेलते हैं उसे देखते हुए उनकी सी भी सलाह बहुत अहम होगी।
धोनी के अलावा मिताली अपने आदर्श खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर से खुद की बल्लेबाजी को लेकर कुछ गुर सीखना चाहती हैं। उन्होंने कहा मैं इससे पहले तीन या चार बार उनसे (तेंडुलकर) मिली लेकिन मुझे बहुत अधिक बात करने का मौका नहीं मिला। यदि मुझे उनसे बात करने का अवसर मिलता है तो निश्चित तौर पर मैं उनसे अपनी बल्लेबाजी को लेकर बात करना चाहूँगी।
भारतीय महिला टीम को अब बिना किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के सीधे विश्व कप में खेलने के लिए उतरना है लेकिन मिताली को इसका मलाल नहीं है। उन्हें लगता है कि हाल में ऑस्ट्रेलिया दौरा इस लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहा है, जहाँ टीम को उन स्थानों पर भी खेलने का मौका मिला जहाँ टीम विश्व कप के दौरान खेलेगी।
अब 108 एकदिवसीय मैच खेल चुकी मिताली ने कहा कि हम इस साल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में खेले। ऑस्ट्रेलिया में हमारी टीम को हार मिली लेकिन यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि विश्व कप से पहले हमें वहां की परिस्थितियों को समझने का मौका मिला। हम उन कुछ स्थानों में भी खेले जहाँ हमें विश्व कप के दौरान भी खेलना है।
हैदराबाद की रहने वाली दायें हाथ की इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि हमने विश्व कप की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। हम अभी घरेलू मैचों के जरिये तैयारियाँ करेंगे और इसके बाद टूर्नामेंट से पहले लगने वाला शिविर काफी महत्वपूर्ण होगा।
भारतीय कप्तान को विश्व कप में टीम के सेमीफाइनल तक पहुँचने के प्रति आश्वस्त हैं, जिसमें भारत को ग्रुप बी में पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड के साथ रखा गया है, लेकिन उन्हें लगता है कि विश्व चैंपियन बनने के लिए शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी के अलावा तेज गेंदबाजी विभाग में भी सुधार की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में हमारी हार (भारत पाँच मैच की श्रृंखला में सभी मैच हार गया था) का कारण हमारे शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का अच्छा प्रदर्शन न करना भी रहा। इसके अलावा हम शुरू में विकेट भी नहीं ले पाए। |