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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर दबाव
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और इसके खिलाड़ी भले ही जोर देकर कह रहे हों कि मुंबई में आतंकवादी हमलों के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते दबाव के बावजूद उन्हें भारत में खेलने में कोई समस्या नहीं है लेकिन बोर्ड पर पड़ोसी देश से क्रिकेट रिश्तों पर नरमी बरतने के रूख को बदलने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी राशिद लतीफ ने कहा था कि मुंबई आतंकी हमलों में पाकिस्तान का नाम घसीटने के भारतीय आरोप के खिलाफ विरोध करने के लिये पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल और आईसीएल जैसे टूर्नामेंटों का बहिष्कार करना चाहिए और इस सुझाव के प्रति जनता ने काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

एक सूत्र ने कहा ‍कि कुछ राजनीतिक पार्टियों के सहयोग से कुछ समूह क्रिकेट जगत में दबाव बना रहे हैं। उनका मानना है कि भारतीय मीडिया और अधिकारियों के मुंबई आतंकी हमलों में पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने के बाद पाकिस्तान बोर्ड को क्रिकेट रिश्तों को बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा ऐसा दबाव है कि अगर भारतीय सरकार मुंबई आतंकी हमलों की वजह अगले साल अपनी राष्ट्रीय टीम को पाकिस्तान नहीं भेजती तो पाकिस्तान को भी सियालकोट स्टालियंस और अन्य खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

सूत्र ने कहा कि क्योंकि बोर्ड ने इंडियन क्रिकेट लीग को मान्यता नहीं दी तो इस मामले में वे कुछ नहीं कर सकते, लेकिन सूत्र ने कहा कि अनाधिकृत रूप से वे खिलाड़ियों को भारत में नहीं जाने के लिए दबाव बना सकते हैं।
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