मुंबई में हुए आतंकी हमलों से प्रभावित खेल की बड़ी प्रायोजक कंपनियों को नुकसान की भरपाई के लिए अपनी बीमा कंपनियों के पास जाना पड़ सकता है।
रायल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड, पेप्सी और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियाँ ने इंग्लैंड की क्रिकेट टीम के भारत दौरे के लिए लाखों पाउंड के करार किए थे। इसके अलावा भारतीय उपमहाद्वीप में खेल प्रसारण के अधिकार के अनुबंध भी खासे महँगे होते हैं।
भारत में एकदिवसीय मैचों का प्रसार करने वाला निजी टेलीविजन चैनल 'नियो स्पोर्ट्स' दस सेकंड के विज्ञापन के लिए कम से कम चार हजार डॉलर ले रहा था।
व्हाइटस्टोन इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक तथा इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के लिए सलाहकार का काम करने वाले क्रिस लाइटफुट का कहना है कि खेल के प्रायोजक अब इस दुबिधा में फँसे हैं कि आतंकी हमलों से उन्हें पहुँची क्षति की भरपाई कैसे की जाए। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ कंपनियाँ तो लम्बे अर्से के लिए करार कर चुकी थी और उनके लिए इससे उबर पाना आसान नहीं है।
लाइटफुट ने कहा कि अब प्रायोजक घबराए हैं कि अगर वे अपना अनुबंध खत्म करते हैं तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके अलावा कुछ कंपनियाँ नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनियों के समक्ष भी दावा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि चैंपियन लीग के स्थगन से ब्रांड इंडिया को भारी नुकसान हुआ है। |