ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग की भारतीय सरजमीं पर पहली शतकीय पारी से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के शुरुआती दिन बैकफुट पर दिख रहे भारत ने आज यहाँ चिन्नास्वामी स्टेडियम में अंतिम घंटे में दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर वापसी का अच्छा प्रयास किया।
मैथ्यू हेडन के पहले ओवर में आउट होने के कारण ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को एक प्रकार से पारी का आगाज करना पड़ा लेकिन उन्होंने गेंदबाजों को आगे खुशी के कम मौके देकर 123 रन की जानदार पारी खेली जिससे ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए स्टंप तक चार विकेट पर 254 रन बनाए।
पोंटिंग के शतक और साइमन कैटिच (66) के अर्धशतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक समय दो विकेट पर 226 रन था लेकिन इसके बाद हरभजन सिंह ने अपने 'प्रिय शिकार' पोंटिंग और जहीर खान ने दिन के अंतिम ओवर में माइकल क्लार्क (11) को आउट करके भारत को वापसी दिलायी। माइकल हसी शुरू में ही मिले जीवनदान का फायदा उठाकर अब भी 46 रन बनाकर क्रीज पर हैं।
जहीर खान ने दिन के मैच की तीसरी गेंद पर ही खतरनाक हेडन को पैवेलियन भेज दिया लेकिन इसके बाद अंतिम सत्र के अंतिम क्षणों को छोड़कर अधिकतर भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए जूझना पड़ा। जहीर ने अपनी स्विंग से बल्लेबाजों को जरूर परेशान किया तथा अब तक वह 39 रन देकर दो विकेट ले चुके हैं। इसके अलावा ईशांत शर्मा और हरभजन को एक-एक विकेट मिला है।
पोंटिंग ने धैर्य से अपनी पारी आगे बढ़ाई और भारतीय धरती पर पहली बार तीन अंकों में पहुँचने में सफल रहे जो टेस्ट क्रिकेट में उनका 36वाँ शतक भी है। वैसे हरभजन के साथ उनके बहुचर्चित मुकाबले में आखिर में बाजी भारतीय गेंदबाज ने मारी।
पोंटिंग 'टर्बनेटर' की ऑफ स्टंप से टर्न लेती गेंद पर स्वीप करने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके पैड से टकरा गई और असफ राउफ ने क्षणिक सोचने के बाद अँगुली उठा दी। यह नौवाँ अवसर है जबकि पोंटिंग को हरभजन ने आउट किया। पोंटिंग ने अपनी पारी में 243 गेंद खेली तथा 13 चौके लगाए।
भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने अंतिम क्षणों में गेंदबाजी में परिवर्तन करके बल्लेबाजों का ध्यान भंग करने की कोशिश की। उन्होंने अंतिम तीन ओवर करने की जिम्मेदारी दोनों तेज गेंदबाजों जहीर और ईशांत को सौंपी।
जहीर के अंतिम ओवर की दूसरी गेंद इनकटर थी, जिसे माइकल क्लार्क नहीं समझ पाये और रूडी कर्टजन ने धीरे से अँगुली उठाकर ऑस्ट्रेलियाई उपकप्तान को पगबाधा आउट दे दिया। इसके साथ ही दिन का खेल भी समाप्त कर दिया गया।
जहीर ने भारत को अच्छी शुरुआत भी दिलायी लेकिन पोंटिंग औरकैटिच ने दूसरे विकेट के लिए 166 रन की साझेदारी करके उसे इसका अधिक फायदा नहीं उठाने दिया। फिटनेस समस्या के कारण जून में वेस्टइंडीज दौरे से बाहर रहे हैडन ने ऑफ स्टम्प की फुललैंग्थ गेंद पर बल्ला अड़ाया और विकेट के पीछे महेंद्रसिंह धोनी को आसान कैच देकर पोंटिंग के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी सौंप गए।
भारतीय गेंदबाज इसके बाद पहले सत्र में विकेट हासिल करने में नाकाम रहे। एलन बॉर्डर और वॉ बंधुओं स्टीव व मार्क के बाद 200वीं टेस्ट पारी खेलने वाले चौथे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बने पोंटिंग ने भारतीय आक्रमण का डटकर सामना किया।
पोंटिंग और कैटिच ने धीमी शुरूआत की और 50 रन की साझेदारी 104 गेंद तथा 87 मिनट में पूरी की। लंच के बाद हालाँकि इन दोनों ने खुलकर खेलने की कोशिश की और कुछ अच्छे शॉट जमाए।
चाय के विश्राम से ठीक पहले ईशांत नेकैटिच को आउट करके भारत को दूसरी सफलता दिलाई। अपनी पारी में कुछ दर्शनीय शॉट जमाने वाले बाएँ हाथ के बल्लेबाज कैटिच ने ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद छेड़कर धोनी को कैच दिया। कैटिच ने 149 गेंद खेली और सात चौके लगाए।
भारत को जल्द ही एक और विकेट मिल जाता, लेकिन धोनी ने हसी को तब जीवनदान दिया, जब उन्होंने केवल एक रन बनाया था। कुंबले की गेंद हसी के बल्ले का किनारा लेकर धोनी की जाँघ से टकरायी लेकिन वह उसे नहीं संभाल पाए।
पोंटिंग ने इससे कुछ देर पहले कुंबले की गेंद को प्वाइंट क्षेत्र में खेलकर तीन रन लेकर सैकड़ा पूरा किया। इसके लिए उन्होंने 185 गेंद खेली और 13 चौके लगाए। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान से इसके बाद खुलकर खेलने की आस की जा रही थी लेकिन वह भारतीय स्पिनरों के सामने ऐसा करने में नाकाम रहे।
कुंबले ने उनके खिलाफ अपनी ही गेंद पर कैच की जोरदार अपील की थी लेकिन अंपायर ने संदेह का लाभ बल्लेबाज को दिया, लेकिन हरभजन ने पोंटिंग की पारी लंबी नहीं खिंचने दी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने लेग ब्रेक गुगली गेंदबाज कैमरून व्हाइट को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका दिया। |