आम तौर पर पारी के बीच में आराम करने के लिए थोड़ी देर विश्राम लेने के क्षेत्ररक्षकों के रवैए पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कड़ा रवैया अपनाते हुए कहा है कि अब विषम परिस्थितियों में ही स्थानापन्न खिलाड़ी को क्षेत्ररक्षण की अनुमति दी जाएगी।
आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति (सीईसी) ने रात में हुई अपनी बैठक में खेल की शर्तो में कुछ परिवर्तन किए हैं, जो पाकिस्तान में सितंबर में होने वाली चैम्पियन्स ट्रॉफी से लागू होंगे।
बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि चोटिल होने बीमार होने और पूरी तरह से स्वीकार्य कारणों पर ही स्थानापन्न क्षेत्ररक्षकों को अनुमति दी जाएगी और यह आपदा परिस्थितियों तक ही सीमित रखा जाएगा और इसमें खिलाड़ी के आराम करने का ब्रेक शामिल नहीं होगा।
सीईसी ने विवादास्पद कैच के बारे में भी फैसला किया। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई भारतीय टीम के साथ हुए मैच के दौरान ऐसा ही विवाद हुआ था, जिसमें दोनों मैदानी अम्पायरों को तीसरे अंपायर से सलाह करने का अधिकार है और तीसरा अंपायर भी कैच के बारे में कोई फैसला नहीं कर पाता है तो अंतिम फैसला मुख्य अंपायर देगा।
बयान में कहा गया कि अगर गेंदबाज की तरफ वाला अंपायर भी कैच के बारे में फैसला करने में असमर्थ रहता है तो खिलाड़ी को नाबाद करार दिया जाएगा।
30 गज के बाहर सिर्फ तीन फील्डर : बैठक में यह भी फैसला किया गया कि दूसरे और तीसरे पॉवर प्ले के दौरान 30 गज के घेरे के बाहर तीन क्षेत्र रक्षकों के लिए अनुमति होगी। यह फैसला स्पिन गेंदबाजों के बचाव के लिए किया गया है। बल्लेबाजी करने वाली टीम यह फैसला करेगी कि कब तीसरा और चौथा पॉवरप्ले शुरू होगी।
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