'मैन ऑफ द मैच' यूनुस खान के साहसिक नाबाद शतक (123) और तीसरे विकेट के लिए मिस्बाह उल हक (नाबाद 70) के साथ 20.2 ओवरों में निभाई गई 144 रनों की साझेदारी के बूते पर पाकिस्तान ने एशिया कप में भारत को 8 विकेट से हराकर उसके फाइनल में पहुँचने की उम्मीदों को कम कर दिया।
भारत ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 309 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे मेजबान टीम ने 27 गेंद शेष रहते अर्जित कर डाला। यूनुस की तारीफ करनी होगी कि वे विकेट पर अंगद के पैर की मानिंद डटे रहे और अपनी टीम को जीत दिलवाकर ही मैदान से वापस लौटे।
यूनुस ने 123 रनों के लिए 117 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 11 चौकों के अलावा एक छक्का भी उड़ाया। दूसरे छोर से मिस्बाह ने उनका अच्छा साथ निभाया और वे भी 62 गेंदों पर 7 चौकों व एक छक्के की मदद से 70 रन बनाकर नाबाद रहे।
पाकिस्तान की सलामी जोड़ी के रूप में उतरे सलमान बट्ट (36) और नासिर जमशेद ने अच्छी शुरुआत दी और आठ ओवर में ही 65 रन जोड़ डाले। सलमान के आउट होने के बाद जब नासिर 53 रनों पर थे, तभी बुरी तरह घायल हो गए और उन्हें पैवेलियन लौटना पड़ा। पाकिस्तान का दूसरा विकेट मोहम्मद यूसुफ (20) का गिरा, जिन्हें पीयूष चावला ने बोल्ड किया।
इसके बाद यूनुस खान और बिस्बाह ने बहुमूल्य साझेदारी निभाई, जो मैच में निर्णायक भूमिका अदा कर गई। गुरुवार को भारत का मुकाबला श्रीलंका से होना है और जीत ही उसे फाइनल के दरवाजे तक ले जा सकती है।
बुधवार की हार ने भारत पर काफी दबाव बना दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय गेंदबाजी का निराशाजनक प्रदर्शन कप्तान धोनी की चिंता में इजाफा कर गया है। भारत को कराची में 25 साल बाद हार का सामना पड़ा।
इससे पूर्व महेनद्रसिंह धोनी ने 76 और रोहित शर्मा ने 58 रनों की जुझारू पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 308 रन बनाने में सफल रहा।
वीरेंद्र सहवाग (49) और गौतम गंभीर (35) के अलावा पिछले तीन मैच में दो शतक जड़ने वाले सुरेश रैना के दस गेंद के अंदर पैवेलियन लौटने से टीम संकट में दिख रही थी। युवराज सिंह ने 32 गेंद पर 38 रन ठोके जिसके बाद धोनी और रोहित ने पाँचवें विकेट के लिए 112 रन की भागीदारी की।
धोनी ने 13वें ओवर में क्रीज पर कदम रखा। उन्होंने 49वें ओवर में तनवीर की गेंद हवा में खेलकर विकेटकीपर सरफराज अहमद को कैच देने से पहले 'एंकर' की भूमिका बखूबी निभाई। उन्हें चोट से उबरने के बाद अपना पहला मैच खेल रहे इरफान पठान (नाबाद 38) का भी अच्छा सहयोग मिला।
पाकिस्तान के मुख्य गेंदबाज तनवीर को केवल एक विकेट मिला, लेकिन सहवाग से लेकर युवराज तक सभी भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें निशाना बनाया। बाएँ हाथ के इस गेंदबाज ने दस ओवर में 87 रन दिए, जो भारत के खिलाफ किसी पाकिस्तानी गेंदबाज की सबसे महँगी गेंदबाजी है। इससे पहले का रिकॉर्ड अताहर रहमान के नाम पर था, जिन्होंने 1986 में शारजाह में 85 रन देकर एक विकेट लिया था।
राव इफ्तिखार पाकिस्तान की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 51 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सईद अजमल बीच के ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाने में सफल रहे।
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