अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को कानपुर में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए तीसरे टेस्ट मैच में घटिया पिच बनाने के लिए चेतावनी दी है। आईसीसी ने कहा है कि बोर्ड सुनिश्चित करे कि भविष्य में कानपुर में ऐसी पिच तैयार नहीं होगी।
बीसीसीआई ने वादा किया कि वह इस बारे में जरूर कार्रवाई करेगा और यह भी सुनिश्चत करेगा कि भविष्य में कानपुर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए पिच में सुधार होगा। बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने कहा मैंने आईसीसी को धन्यवाद दिया है कि उसने इस मामले में फैसला लिया और मैं सभी को आश्वासन देना चाहता हूँ कि भविष्य में फिर ऐसा कभी नहीं होगा।
कानपुर की इस पिच पर भारत ने तीसरा और अंतिम क्रिकेट टेस्ट मैच जीत कर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-1 की बराबरी कर ली थी। इस टेस्ट के तीन दिन के खेल में 32 विकेट गिरे थे।
दक्षिण अफ्रीकी टीम के कोच मिकी आर्थर ने पिच की आलोचना करते हुए कहा था कि यह पिच घटिया और पूरी तरह से बनी नहीं हुई थी।
टेस्ट के मैच रैफरी रोशन महानामा ने भी अपनी रिपोर्ट में इस पिच के स्तर पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि मेरे विचार में यह पिच काफी खराब थी। यह काफी सूखी थी और इसमें पहले दिन से ही काफी टर्न और विभिन्न तरह का उछाल मौजूद था। यह पिच टेस्ट मैचों के स्तर की नहीं थी।
रिपोर्ट के मुताबिक पहले दिन लंच से पहले ही पिच के काफी खराब पहलू सामने आ रहे थे और यह लंच से पहले सूखने असमान उछाल के अलावा टूटनी भी शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे खेल चलता रहा, पिच की असमान उछाल और खराब होता गया।
आईसीसी पिच एवं आउट फील्ड निगरानी प्रक्रिया के नियमों की 3.3 धारा के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट उच्च स्तर की परिस्थितियों में खेला जाना चाहिए। आईसीसी ने बीसीसीआई को सतह की स्थिति के बारे में लिखित रिपोर्ट माँगी थी।
नियमों की 3.4 धारा के अनुसार बीसीसीआई ने इसके जवाब में विस्तृत जानकारी दी। आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक डेविड रिचर्डसन और मुख्य मैच रैफरी रंजन मदुगले ने कोई भी फैसला सुनाने से पहले सभी सबूतों पर विचार किया। इसमें मैच की वीडियो फुटेज का अध्ययन करना भी शामिल था।
|