ऑस्ट्रेलियाई कोच टिम निल्सन चिंतित हैं कि अंपायरों के फैसले पर आने वाली नई चैलेंज प्रणाली से टेस्ट मैचों पर असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) टेनिस की तरह की प्रणाली का टेस्ट मैचों में ट्रायल करेगी, जिसमें हर टीम को एक टेस्ट की प्रत्येक पारी में तीन चुनौतियाँ देने की अनुमति दी जाएगी। इससे टीवी अंपायरों की मदद के लिए वीडियो रिप्ले तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे अंपायर पगबाधा का निर्णय करेंगे।
निल्सन ने कहा कि टेनिस में इस्तेमाल होने वाली चैलेंज प्रणाली और टीवी विश्लेषकों द्वारा क्रिकेट में उपयोग होने वाली 'हाक आई' जैसी तकनीक का दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा मैं उम्मीद करता हूँ कि वे इसका दुरुपयोग न करें। हमें इसके इस्तेमाल पर थोड़ी सावधानी बरतना होगी।
आईसीसी की योजना के अंतर्गत बल्लेबाजी और गेंदबाजी कर रही टीमों के कप्तान मैदानी अंपायरों के फैसलों को चुनौती दे सकते हैं, जो बाद में तीसरे अंपायर या टीवी अंपायर से विचार-विमर्श कर खिलाड़ी के आउट होने पर अंतिम फैसला करेंगे।
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