अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की भ्रष्टाचार विरोधी इकाई पाकिस्तान के प्रतिबंधित तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के भारत और दक्षिण अफ्रीका में खराब प्रदर्शन के एवज में रकम की पेशकश संबंधी दावे के बारे में उनसे पूछताछ करेगी।
आईसीसी ने प्रवक्ता ने कहा कि इकाई के अधिकारी पीसीबी द्वारा रावलपिंडी एक्सप्रेस पर मंगलवार को लगाए गए पाँच वर्षों के प्रतिबंध के बाद शोएब की इस टिप्पणी के बारे में पूछताछ करेंगे।
शोएब ने कल एक टीवी चैनल पर कहा था कि मैंने खराब प्रदर्शन करने के कई प्रस्ताव ठुकरा दिए। ऐसी पेशकश जोहान्सबर्ग और भारत में मिली थी, लेकिन मैंने उन्हें कभी कबूल नहीं किया क्योंकि मैं अपने देश को धोखा नहीं दे सकता।
आईसीसी प्रवक्ता ने कहा कि हमें उनकी टिप्पणी के बारे में पता चला है और आईसीसी खेलों में भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। हमारी भ्रष्टाचार विरोधी इकाई के अधिकारी उनसे जल्द ही बात करेंगे।
आईसीसी के सूत्रों के मुताबिक अधिकारी जल्द ही शोएब से मुलाकात करेंगे, क्योंकि मैच फिक्सिंग अथवा सट्टेबाजी की पेशकश का खुलासा करना खिलाडि़यों की जिम्मेदारी है।
पाकिस्तानी टीम के मैनेजर तलत अली ने बताया कि शोएब ने भारत दौरे के समय ऐसी पेशकश के बारे में उन्हें अथवा किसी अन्य अधिकारी को सूचित नहीं किया है। उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं बताया है। मैं यह पहली बार सुन रहा हूँ।
आईसीसी की आचार संहिता के मुताबिक ऐसे खिलाड़ी पर कम से कम एक वर्ष तथा अधिकतम पाँच वर्ष का प्रतिबंध लगाया जा सकता है जो किसी व्यक्ति की ओर से ऐसी पेशकश के बारे में अपने कप्तान अथवा अपने टीम मैनेजर अथवा बोर्ड के सीनियर अधिकारी अथवा आईसीसी के अधिकारियों को सूचित नहीं करता है।
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