लेग स्पिन के जादूगर शेन वॉर्न ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इंडियन प्रीमियर लीग से अनुबंध करने वाले दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी इस लीग के क्रांतिकारी ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध रहें।
जयपुर फ्रेंचाइजी टीम राजस्थान रॉयल्स के आधिकारिक रूप से शुरू होने के बाद वॉर्न ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया कि आईपीएल का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह नया और क्रांतिकारी विचार है और यदि आईसीसी थोड़ा भी दिमाग का इस्तेमाल करे तो इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ खपाया जा सकता है।
राजस्थान रायल्स के कप्तान और कोच वार्न ने कहा कि आईसीसी को आईपीएल को भी अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में रखना चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रिकेट जगत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसमें भाग लें। इससे आईपीएल अधिक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनेगा।
टेस्ट क्रिकेट में 708 विकेट लेने वाले इस ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को लगता है कि आईपीएल युवा खिलाड़ियों पर नकारात्मक प्रभाव डालने के बजाय उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें पैसा तो मिल ही रहा है इसके अलावा उन्हें दुनिया के चोटी के खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका भी मिलेगा।
वॉर्न इस पर भी असहमत दिखे कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका खास नहीं होती। उन्होंने कहा कि ट्वेंटी-20 को हालाँकि बल्लेबाजों का खेल कहा जाता है लेकिन गेंदबाज भी इसमें पासा पलट सकते हैं। हाँ स्पिनरों पर शॉट जमाए जाएँगे लेकिन अकसर हम उनका अच्छा प्रदर्शन देखते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि क्रिकेट के नये प्रारूप में भी वह अहम भूमिका निभाएंगे।
वॉर्न से जब पूछा गया कि क्या राजस्थान रायल्स आठ टीमों की लीग में सबसे कमजोर टीम है उन्होंने कहा हाँ हमारे पास सचिन तेंडुलकर नहीं है, लेकिन फिर भी हमारी टीम में यूनिस खान, ग्रीम स्मिथ और कुछ युवा खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि हमारी टीम आकर्षक और संतुलित है।
उन्होंने कहा कि यह टीम के सदस्यों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने का सवाल है। यह खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है कि वह अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करें।
वॉर्न से जब पूछा गया कि क्या कप्तान कम कोच की दोहरी भूमिका काम करेगी तो उन्होंने कहा कि हैंपशायर में कल तक वह दोनों भूमिकाएँ निभा रहे थे। वॉर्न ने कल प्रथम श्रेणी से संन्यास लेने का फैसला किया था।
उन्होंने कहा कि मुझे यह लगता है कि टीम में दो या तीन मुखिया होने के बजाय केवल एक मुखिया का होना अच्छा रहता है। यह काफी अच्छा काम करता है। मैं हैंपशायर में भी दोहरी भूमिका निभा रहा था तथा हमारी टीम चार साल में दो बार फाइनल में पहुँची जो बुरा नहीं है। वॉर्न ने हालाँकि कहा कि पूर्व भारतीय कोच ग्रेग चैपल की आईपीएल टीम में किसी भी भूमिका का वह स्वागत करेंगे।
|