विस्फोटक ओपनर वीरेन्द्र सहवाग (नाबाद 309) ने अपना दूसरा सबसे तेज तिहरा शतक ठोंकते हुए भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन आज बेहद मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया।
सहवाग की इस अद्भुत पारी की बदौलत भारत ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दक्षिण अफ्रीका के 540 रन के स्कोर के जवाब में एक विकेट पर 468 रन का स्कोर खड़ा कर लिया।
सहवाग ने एमए चिदंबरम स्टेडियम की बल्लेबाजी के लिए माकूल पिच पर दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों की धज्जियाँ उड़ाते हुए 42 चौकों और पाँच छक्कों की मदद से नाबाद 309 रन ठोंक डाले और 2004 में मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ स्कोर की बराबरी कर ली।
सहवाग ने अपना दूसरा तिहरा शतक बनाने के साथ ही टेस्ट इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन और वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा के दो बार तिहरे शतक बनाने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक सहवाग के साथ राहुल द्रविड़ 65 रन बनाकर नाबाद थे। ओपनर वसीम जाफर दिनभर के खेल में गिरने वाला एकमात्र भारतीय विकेट रहे। उन्होंने 73 रन बनाए। जाफर और सहवाग ने पहले विकेट के लिए 213 रन की साझेदारी की।
सहवाग और द्रविड़ अब तक दूसरे विकेट के लिए 255 रन की नाबाद साझेदारी कर चुके हैं। सहवाग अब तक अपनी मैराथन पारी के लिए कुल 503 मिनट क्रीज पर गुजार चुके हैं जबकि दूसरे छोर पर द्रविड़ ने 251 मिनट की बल्लेबाजी में आठ चौकों की मदद से नाबाद 65 रन बनाए हैं।
विस्फोटक ओपनर इस तरह टेस्ट इतिहास में दो-दो तिहरे शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। ब्रैडमैन ने इंग्लैंड के खिलाफ 334 और 330 रन की पारियाँ खेली थीं, जबकि लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 400 और 375 रन बनाए थे।
भारत दक्षिण अफ्रीका के स्कोर से अभी 72 रन पीछे है और उसके नौ विकेट शेष हैं। भारत मैच के चौथे दिन एक बड़ा स्कोर खड़ा कर दक्षिण अफ्रीका को दबाव में ला सकता है। यदि भारत 200 से ऊपर की बढ़त हासिल कर लेता है तो पाँचवें दिन दक्षिण अफ्रीका के लिए भारतीय स्पिनरों के सामने बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल काम होगा।
सहवाग जिस खतरनाक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे, उसके सामने न केवल दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज बल्कि उनके कप्तान ग्रीम स्मिथ भी असहाय खडे़ नजर आ रहे थे। दक्षिण अफ्रीका के दोनों तेज गेंदबाज मखाया एंतिनी और डेल स्टेन चिदंबरम स्टेडियम की सपाट पिच से कोई मदद नहीं निकाल पाए।
सहवाग ने अपनी इस शानदार पारी के दौरान कुछ कीर्तिमान भी स्थापित कर दिए। जब वे जैक्स कैलिस की गेंद पर चौका लगाकर 239 के अपने स्कोर पर पहुँचे तो उन्होंने पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर के इस मैदान में 236 रन के सर्वाधिक भारतीय स्कोर का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।
उन्होंने 225 गेंदों में जब अपने 250 रन पूरे किए तो वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 250 रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। दूसरे छोर पर टिककर बल्लेबाजी कर रहे पूर्व कप्तान द्रविड़ भी एक कीर्तिमान हासिल करने के करीब पहुँच चुके हैं। उन्हें इस पारी से पहले अपने दस हजार रन पूरे करने के लिए 80 रन की जरूरत थी और इसमें से वह 65 रन बना चुके हैं।
सहवाग और जाफर पहले विकेट के लिए 213 रन तथा सहवाग और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 255 रन की साझेदारी कर डाली है। भारतीय टेस्ट इतिहास में यह पहला मौका है, जब एक ही पारी में दो दोहरी शतकीय साझेदारियाँ पूरी हुई हैं।
सहवाग ने 481 मिनट में 278 गेंदों में अपना तिहरा शतक 42 चौकों और पाँच छक्कों की मदद से पूरा किया और इसके साथ ही उन्होंने सबसे तेज तिहरे शतक रिकॉर्ड भी बना लिया। उन्होंने आस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन का 362 गेंदों में तिहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड तोड़ा।
आँकड़ेबाजों ने रन बनाने के लिहाज से गेंदों को गिनना आधुनिक युग में शुरू किया था। इससे पहले ब्रैडमैन और इंग्लैंड के वाल्टर हैमंड के नाम मिनट के लिहाज से सबसे तेज तिहरे शतक बनाने के रिकॉर्ड दर्ज थे।
विस्फोटक ओपनर के करियर का यह 14वाँ शतक था। उन्होंने लंच और चायकाल के बीच में 118 रन ठोंकते हुए दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। भारत के 450 रन 101वें ओवर में पूरे हुए।
सहवाग जब दिन का खेल समाप्त होने पर पैवेलियन लौट रहे थे तो पूरे स्टेडियम में दर्शक खड़े होकर तालियाँ बजाते हुए उनकी इस महान पारी के लिए उनका अभिवादन कर रहे थे।
ब्रैडमैन-लारा की बराबरी पर पहुँचे सहवाग तिहरा शतक पिता को समर्पित-सहवाग सहवाग के सामने हम नतमस्तक-ऑर्थर टीम से बाहर होने पर आहत था-सहवाग नई गेंद से सहवाग को रोकने की आस
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