दिल्ली एक्सप्रेस के नाम मशहूर भारत के युवा तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा का मानना है कि मैदान पर हल्की छींटाकशी होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन यह एक सीमा में होनी चाहिए।
ईशांत ने गुरुवार को कहा कि अपनी आक्रमकता व्यक्त करने के लिए मुझे एक दो शब्द कहने में कोई बुराई नजर नहीं आती। लेकिन आपको इस बात पर ध्यान देना होगा कि आप जो कुछ कह रहे हैं वह एक सीमा के अंदर रहे। आपकी आक्रमकता नियंत्रण में होनी चाहिए।
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने स्लेजिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की माँग की है, जिसका क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने विरोध किया है।
ईशांत उंगुली की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट की भारतीय टीम में शामिल नहीं किए गए हैं, लेकिन उन्होंने तीन अप्रैल से अहमदाबाद में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में शामिल होने का विश्वास जताया है।
ईशांत ने कहा कि मैं पहले टेस्ट से बाहर होकर काफी निराश हूँ लेकिन चोट का आप क्या कर सकते हैं। हालाँकि मैं दूसरे टेस्ट के लिए फिट हो जाऊँगा और भविष्य की तरफ देख रहा हूँ।
उन्होंने कहा कि मुझे तीन सप्ताह के आराम की सलाह दी गई थी। अब मैंने गेंदबाजी करनी शुरू कर दी है, लेकिन मैं इस बात का ध्यान दे रहा हूँ कि खुदपर ज्यादा जोर न दूँ। ईशांत ने अपनी लाइन और लेंथ पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि मैं स्पीड पर ध्यान न देकर लाइन लेंथ पर ध्यान दे रहा हूँ। मैं अपनी लंबाई और एक्शन से अच्छी उछाल प्राप्त कर लेता हूँ। लेकिन बेहतर लाइन लेंथ के साथ गेदंबाजी करना चाहता हूँ। बीसीसीआई द्वारा समर्थित इंडियन प्रीमियर लीग के कोलकाता राइडर्स टीम के लिए चुने गए ईशांत इसमें खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि मैं आईपीएल को लेकर सकारात्मक सोच रखता हूँ और मुझ पर कोई दबाव भी नहीं है। आईपीएल में उन्हीं की टीम में शामिल पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के साथ खेलने को लेकर उत्सुक दिख रहे ईशांत ने कहा कि वह दुनिया के तेज गेंदबाजों में से एक है और मैं उनसे काफी कुछ सीखने की कोशिश करूँगा।
|