इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष कपिल देव ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बागी आईसीएल से जुड़ने वाले खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने को गलत और अनुचित ठहराते हुए इसे देशद्रोह बताया है।
कपिल गुरुवार को यहाँ कोलकाता टाइगर्स टीम के दोबारा लांचिंग के अवसर पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। कोलकाता टाइगर्स की टीम को फिल्म स्टार मिथुन चक्रवर्ती ने खरीदा है।
उन्होंने कहा कि आईसीएल में शामिल खिलाड़ी अपने देश के लिए खेलना चाहते हैं। ये सभी देश के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं और अगर कोई कहता है कि ये देश के लिए नहीं खेल सकते हैं तो मेरी नजर में वे 'देशद्रोही' हैं।
उन्होंने पूछा कि अगर सौरव गांगुली आईसीएल में शामिल हो जाए तो क्या बीसीसीआई उन पर प्रतिबंध लगा सकती है। मैं बंगाल के लोगों से पूछता हूँ कि क्या वे इसे मानेंगे। अगर नहीं तो कैसे वे नाइंसाफी होते हुए देख रहे हैं।
कपिलदेव ने कहा कि मैं अभी भावुक हूँ क्योंकि खिलाड़ी तो भावुक होते ही हैं। हम बीसीसीआई या इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के खिलाफ नहीं हैं। हम तो बस क्रिकेट को बढ़ावा देना चाहते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या ये खिलाड़ी भारतीय नहीं हैं।
यह पूछने पर कि क्या प्रतिबंध और अन्य तरह की पाबंदियों के कारण युवा खिलाड़ी आईसीएल में जुड़ने से कतरा रहें हैं उन्होंने कहा कि वे हमारे ऊपर तरह-तरह की पाबंदियाँ लाद रहे हैं, लेकिन हम भी बिना लड़े हार मानने वालों में से नहीं हैं।
यह पूछने पर कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा नहीं खेल रहा है तो क्या होगा कपिल ने कहा कि क्रिकेट के स्तर के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर कोई अच्छा नहीं खेलता है तो उसे टीम में होने का हक नहीं है, लेकिन ये सभी खिलाड़ी अच्छे हैं और अपने देश के लिए खेलने को उत्सुक हैं।
बीसीसीआई के साथ आईसीएल के संबंधों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि बीसीसीआई परिवार में सबसे बड़े के समान है। अगर हम कुछ गलत कर रहे हैं तो उन्हें हमें डाँटना चाहिए न कि परिवार से ही बाहर कर देना चाहिए।
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