शानदार शतक से दक्षिण अफ्रीका ने पहले क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन गुरुवार को यहाँ 540 रन का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया, लेकिन भारत ने भी ओपनर वीरेंद्र सहवाग के धमाकेदार अर्द्धशतक की मदद से बिना कोई विकेट खोए 82 रन बनाकर उसे मुँहतोड़ जवाब दे दिया।
दिन का खेल समाप्त होने के समय सहवाग मात्र 61 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से 52 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे, जबकि उनके जोड़ीदार वसीम जाफर 65 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 25 रन बनाकर जमे हुए हैं।
इससे पहले ऑफ स्पिनर हरभजनसिंह ने 44.5 ओवरों में 164 रन पर पाँच विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी चायकाल के कुछ देर बाद 540 रन पर थाम ली। चायकाल के समय दक्षिण अफ्रीका छह विकेट पर 501 रन बनाकर 600 रन के स्कोर की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा था लेकिन हरभजन ने दक्षिण अफ्रीका के निचले क्रम को समेट दिया।
इसके बाद दिन के बचे 21 ओवरों के खेल में सहवाग और जाफर ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों पर हल्ला बोलते हुए उनके होश उड़ा दिए। सहवाग तो खासकर खतरनाक मूड में दिखाई दे रहे थे। दोनों ही बल्लेबाजों ने एक-एक छक्का जड़कर दक्षिण अफ्रीका को यह बता दिया कि वे भी उन्हें करारा जवाब देने का माद्दा रखते हैं।
इससे पहले अपने शीर्ष और मध्यक्रम के निखरे प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका लगातार भारतीय गेंदबाजों पर भारी पड़ता रहा। सुबह और लंच के बाद के सत्र में भारत केवल एक-एक विकेट ही झटक सका, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने इस दौरान क्रमशः 100 और 97 रन ठोंक डाले।
वह तो भला हो हरभजन का जिन्होंने चायकाल के बाद उसके चार में से तीन विकेट जल्दी-जल्दी लेकर दक्षिण अफ्रीका को गगनचुंबी स्कोर तक नहीं पहुँचने दिया। उन्होंने पारी में कुल पाँच विकेट हासिल किए। उनके अलावा कप्तान अनिल कुंबले को 106 रन पर दो जबकि शांतकुमारन श्रीसंथ और सहवाग को एक-एक विकेट मिला।
दक्षिण अफ्रीका ने कल के चार विकेट पर 304 रन से आज आगे खेलते हुए जोरदार बल्लेबाजी का सिलसिला जारी रखा। दोनों नाबाद बल्लेबाजों अमला और एबी डिविलियर्स ने भारतीय गेंदबाजों को खूब परेशान किया, लेकिन डिविलियर्स (44) के आउट होने से भारतीयों को थोड़ी राहत मिली। वह श्रीसंथ की गेंद पर विकेटकीपर महेंद्रसिंह धोनी के हाथों कैच कर लिए गए।
इस दौरान अमला ने श्रीसंथ की गेंदों पर लगातार तीन चौके जमाते हुए अपना चौथा टेस्ट शतक पूरा कर लिया। वह इतनी शानदार लय में खेल रहे थे कि वह 176 रन के अपने सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ते हुए दिखाई दे रहे थे, लेकिन वह दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हो गए। उन्होंने लगभग सात घंटे क्रीज पर व्यतीत करते हुए 262 गेंदों पर 20 चौकों की मदद से 159 रन बनाए।
विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर ने भी अमला का साथ बढ़िया साथ निभाया और छठे विकेट के लिए 99 रन की शानदार साझेदारी की। बाउचर ने अमला के आउट होने के बाद भी अपना पराक्रम जारी रखा। चायकाल के समय बाउचर 62 और मोर्न मार्कल 25 रन बनाकर खेल रहे थे।
लेकिन चायकाल के बाद हरभजन ने मैच की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी। उन्होंने अपनी उछाल भरी गेंदों के जाल में दक्षिण अफ्रीका के पुछल्ले बल्लेबाजों को फाँस लिया, हालाँकि बाउचर और मोर्कल की साझेदारी को तोड़ने का कारनामा सहवाग ने दिखाया। बाउचर ने नौ चौकों की मदद से 70 रन बनाए।
मार्कल ने हरभजन के ही हाथों में शॉट मारने के पहले 35 रन की उपयोगी पारी खेली। लेकिन पाल हैरिस (पाँच) और डेल स्टेन (15) को सस्ते में ही निपटाकर दक्षिण अफ्रीका की पारी 540 रन पर समेट दी।
लेकिन इस पारी में स्कोरबोर्ड पर इतना रन टांगकर दक्षिण अफ्रीका भारतीय जमीन पर अपना सर्वोच्च स्कोर बनाने में कामयाब रहा। इससे पहले भारत में उसका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नौ विकेट पर 510 रन का था, जिसे उसने 2004-05 में कानपुर में खेले गए टेस्ट में बनाया था।
इस पारी में दक्षिण अफ्रीका ने कुल 81 बार गेंद को सीमारेखा के बाहर भेजकर भारतीय जमीन पर एक पारी में सर्वाधिक चौके जमाने के ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड (72 चौके) को भी पीछे छोड़ दिया।
|