टेस्ट कप्तान और दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आज यहाँ एक भव्य समारोह में गोल्डन बॉल भेंट करके सम्मानित किया।
कुंबले को टेस्ट क्रिकेट में छह सौ विकेट लेने की उपलब्धि हासिल करने पर यह सम्मान प्रदान किया गया। श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन और ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर शेन वॉर्न के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह दुनिया के तीसरे और भारत के पहले गेंदबाज हैं। उन्होंने 125 टेस्ट मैचों में 604 विकेट लिए हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार से यहाँ हो रहे तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच की पूर्व संध्या पर कर्नाटक के इस दिग्गज खिलाड़ी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में कपिल देव और अजीत वाडेकर को छोड़कर सभी पूर्व कप्तानों को आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें भी उपस्थित थीं।
सोने से बनी हीरे और रूबी जटित बॉल को आभूषण कंपनी ओरा डायमंड्स ने बनाया है। इस पर 37 कैरेट के 1500 बेल्जियम किस्म के हीरे और 239 कैरेट के 640 रूबी रत्न जड़े हैं।
इस मौके पर बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि कुंबले ने अब तक 604 विकेट लिए हैं। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह भारत के एकमात्र गेंदबाज हैं। हर भारतीय को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व होना चाहिए। बोर्ड भी उनके प्रदर्शन से खुश है। 37 वर्षीय कुंबले के नाम और भी कई कीर्तिमान दर्ज हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में दिल्ली के फीरोजशाह कोटला मैदान में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट की एक पारी में सभी विकेट हासिल किए थे। ऐसा कारनामा करने वाले वह दुनिया के दूसरे गेंदबाज हैं।
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