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परीकथा की तरह रहा करियर-गिलक्रिस्ट
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट को हार के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का गम तो साल रहा है, लेकिन इस विकेटकीपर बल्लेबाज को इस बात की खुशी है कि उनका करियर परीकथा जैसा रहा।

भारत के हाथों बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल के पहले दो मैचों में शिकस्त के साथ ही ऑस्ट्रेलिया को त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला गँवानी पड़ी। इस मैच के बाद संन्यास लेने वाले गिलक्रिस्ट ने कहा मेरे करियर का अंत परीकथा ही तरह नहीं रहा लेकिन मुझे फिर भी इस बात की खुशी है कि मेरा करियर परीकथा की तरह रहा।

गिलक्रिस्ट ने त्रिकोणीय श्रृंखला जीतने के लिए भारत को बधाई भी दी। गिलक्रिस्ट ने 287 एकदिवसीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया और 35.89 की औसत से 9616 रन बनाए जिसमें 16 शतक और 55 अर्धशतक शामिल हैं।

अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले गिलक्रिस्ट 472 शिकार (417 कैच और 55 स्टंपिंग) के साथ दुनिया के सबसे सफल विकेटकीपर भी हैं।

गिलक्रिस्ट ने मैथ्यू हेडन के साथ मिलकर दुनिया की सबसे सफल और विस्फोटक एकदिवसीय सलामी जोड़ियों में से एक बनाई।

गिलक्रिस्ट के अलावा ऑलराउंडर ब्रेड हॉग ने भी इस श्रृंखला की समाप्ति के साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने कहा ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है और मैंने इसका पूरा लुत्फ उठाया। मुझे अब भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल मेरा परिवार मेरी प्राथमिकता है। मैं अपने भविष्य के बारे में कुछ समय बाद फैसला लूँगा। हॉग ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से 123 मैच खेलते हुए 26.84 रन प्रति विकेट के हिसाब से 156 विकेट चटकाए। वह आज के मैच में नहीं खेल रहे थे।
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